ऑपरेशन शंखनाद : पगडंडी से हो रही थी गौ तस्करी ! बेरहमी से पीटते हुए ले जा रहा था गौवंश को ! पुलिस ने घेराबंदी कर 12 गौ-वंश छुड़ाए, आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल !

प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 20 अप्रैल 2026 की शाम करीबन 05:30 बजे चौकी मनोरा पुलिस को मुखबीर से पुख़्ता सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति ग्राम बड़ा टेम्पु के लेटे झरिया नाला के पास पगडंडी रास्ते से भारी मात्रा में गौ-वंशों को पैदल हांक कर, मारते पीटते हुए जल्दी-जल्दी झारखंड राज्य की ओर ले जा रहा है। जिस पर चौकी मनोरा पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए तत्काल मुखबिर की सूचना की तस्दीक हेतु लेटे झरिया नाला की ओर रवाना हुए, पुलिस के साथ ग्रामीण भी थे, लेटे झरिया नाला के पास पहुंच कर पुलिस ने पाया कि एक संदिग्ध व्यक्ति 12 नग गौ-वंशों को हांक कर, जल्दी-जल्दी पैदल बेरहमीपूर्वक मारते पीटते हुए ले जा रहा है।

जिस पर पुलिस की टीम के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए संदिग्ध आरोपी को पकड़ने हेतु घेरा बंदी की गई, पुलिस को देखकर गौ-वंशों को हांक कर ले जा रहे आरोपी के द्वारा भागने का प्रयास किया गया, जिसे कि पुलिस की टीम के द्वारा पीछा कर हिरासत में लिया गया। पूछ ताछ में संदिग्ध आरोपी ने अपना नाम दुर्योधन भगत, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम टेम्पु चौकी मनोरा जिला जशपुर (छग) का रहने वाला बताया व गौ-वंशों को झारखंड राज्य ले जाना स्वीकार किया। पुलिस के द्वारा पकड़े गए आरोपी से गौ-वंशों से संबंधित वैध दस्तावेज की मांग करने पर उसके द्वारा कोई वैध दस्तावेज नहीं दिया जा सका। जिस पर पुलिस के द्वारा संदिग्ध आरोपी से सभी 12 नग गौ-वंशों को सकुशल बरामद कर लिया गया व पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।

प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध चौकी मनोरा में छ ग कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (1)(क)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।

पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपी गौ तस्कर दुर्योधन भगत के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर दिनांक 21 अप्रैल 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

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