खादी ग्रामोद्योग योजनाओं से बदल रही जशपुर की तस्वीर: पीएमईजीपी–सीएमईजीपी इकाइयों के निरीक्षण में रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई कहानी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला मजबूत आधार

खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की योजनाओं से बदल रही ग्रामीण तस्वीर

प्रबंध संचालक श्रीमती रीता यादव ने पीएमईजीपी – सीएमईजीपी इकाइयों का किया निरीक्षण

रोजगार सृजन और आर्थिक सुदृढ़ता पर मिला सकारात्मक फीडबैक

जशपुर : छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की प्रबंध संचालक श्रीमती रीता यादव ने जशपुर जिले का दौरा कर विभागीय योजनाओं के तहत संचालित इकाइयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम(पीएमईजीपी) एवं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (सीएमईजीपी) से लाभान्वित हितग्राहियों के कार्यस्थलों पर पहुंचकर योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके प्रभाव का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान श्रीमती यादव ने कुनकुरी स्थित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत स्थापित मेसर्स बोकारो टायर वर्क्स एवं रिमोल्ड सेंटर का अवलोकन किया। जहां संचालक मो. कलिम अंसारी द्वारा इकाई के संचालन, रोजगार सृजन तथा जीवन स्तर में आए सुधार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इसके पश्चात ग्राम पंडरीपानी में संचालित फ्लाई ऐश ब्रिक्स यूनिट का निरीक्षण किया गया, जिसका संचालन श्रीमती रेखा चौबे द्वारा किया जा रहा है। संचालक श्री विशाल चौबे ने बताया कि उन्होंने बैंक ऋण का पूर्ण भुगतान कर दिया है तथा अनुदान का लाभ भी प्राप्त हुआ है। वर्तमान में इस इकाई के माध्यम से लगभग 15 लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बल मिला है।

 प्रबंध संचालक श्रीमती यादव ने दुलदुला चौक पतराटोली स्थित मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत संचालित यदुवंशी रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया। संचालक श्रीमती कौशल्या यादव ने बताया कि रेस्टोरेंट का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है और इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार की इस योजना की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया। इसी क्रम में पतराटोली स्थित हॉलर मिल का भी अवलोकन किया गया, जहां स्थानीय स्तर पर उत्पादन एवं रोजगार की संभावनाओं का आकलन किया गया।

 निरीक्षण के दौरान प्रबंध संचालक श्रीमती रीता यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक जरूरतमंद व्यक्तियों के ऋण प्रकरण तैयार किए जाएं तथा परंपरागत व्यवसाय से जुड़े लोगों को विभागीय योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने उप संचालक ग्रामोद्योग श्री विवेक कुमार गुप्ता को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक लाभ सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।

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