जशपुर : जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के साझा प्रयासों से जशपुर के दुलदुला क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति एक नई अलख जगाई गई है। संगवारी संस्था के तकनीकी सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला में विशेष ‘सिकल सेल ओपीडी’ और ‘पीयर सपोर्ट मीटिंग’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सिकल सेल एनीमिया से जूझ रहे मरीजों को न केवल चिकित्सा परामर्श देना था, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना और एक ऐसा मंच प्रदान करना था जहाँ वे अपने अनुभवों को साझा कर सकें। इस महत्वपूर्ण बैठक में 22 मरीजों के साथ उनके परिजन भी शामिल हुए, जिससे कुल उपस्थिति 40 रही।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बढ़ती गर्मी के मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। डॉक्टरों ने मरीजों को विस्तार से समझाया कि सिकल सेल के मरीजों के लिए शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना अनिवार्य है, क्योंकि निर्जलीकरण (Dehydration) अक्सर गंभीर दर्द या ‘क्राइसिस’ का कारण बनता है। इसके साथ ही, संतुलित आहार और अनुशासित दिनचर्या को अपनाने पर जोर दिया गया ताकि मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनी रहे और बार-बार होने वाले संक्रमणों से बचाव हो सके।
चिकित्सा परामर्श के साथ-साथ इस शिविर में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के तालमेल पर भी ध्यान दिया गया। जिला अस्पताल के योग चिकित्सक डॉ. कृपाचार्य यादव ने मरीजों को अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और तिर्यक ताड़ासन जैसे योगाभ्यासों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि नियमित प्राणायाम से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सुधरता है, जो सिकल सेल के रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी है। योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की इस पहल को उपस्थित मरीजों और उनके परिजनों ने काफी सराहा।
जागरूकता सत्र के अंत में विशेषज्ञों ने बीमारी के दीर्घकालिक समाधान पर प्रकाश डाला। विशेष रूप से ‘सिकल कुंडली’ मिलान के विचार को साझा किया गया, जिसमें विवाह से पहले सिकल सेल स्थिति की जांच कराने का आग्रह किया गया ताकि अगली पीढ़ी को इस आनुवंशिक बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। इसके अलावा, नियमित जांच और डॉक्टरों द्वारा सुझाई गई दवाओं के निरंतर सेवन की महत्ता पर भी जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में बीएमओ डॉ. अंजली निराला, सिकल सेल नोडल डॉ. दीपिका और संगवारी संस्था के विक्रम प्रामाणिक व रीतू मंडल ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
