थाने में कबाड़ माफियाओं की ‘VIP खातिरदारी’ पड़ी भारी, SSP के एक्शन से हेड कांस्टेबल और आरक्षक लाइन हाजिर, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

बिलासपुर : अवैध कबाड़ कारोबारियों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस कप्तान की जीरो टॉलरेंस नीति का मखौल उड़ाना दो पुलिसकर्मियों को बेहद भारी पड़ गया है । अपराधियों के प्रति नरमी बरतने और लापरवाही उजागर होने पर पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बिलासपुर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कोनी थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक और एक आरक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर (रक्षित केंद्र संबंद्ध) कर दिया है ।

क्या है पूरा मामला?

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले में अवैध रूप से संचालित कबाड़ियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं । इसी कड़ी में कोनी पुलिस ने क्षेत्र में अवैध कबाड़ का धंधा करने वाले दो आरोपियों को धरदबोचा और उन्हें थाने लेकर आई ।

लेकिन, अपराधियों में पुलिस का खौफ पैदा करने के बजाय थाने के भीतर का नजारा कुछ और ही बयां कर रहा था। जांच में पाया गया कि पकड़े गए दोनों अवैध कबाड़ी थाने के मोहरीर (प्रधान आरक्षक) और उनके मददगार आरक्षक के सामने आराम से बैठकर चाय की चुस्कियां ले रहे थे ।

SSP की तल्ख टिप्पणी: “यह लापरवाही अक्षम्य है”

थाने के भीतर अपराधियों को मिली इस ‘महमानी’ की खबर जैसे ही आला अधिकारियों तक पहुंची, हड़कंप मच गया। मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए एसएसपी बिलासपुर ने अपने आदेश में साफ शब्दों में कहा:

“यह कृत्य अपराधियों के विरुद्ध की जा रही कड़ी कार्रवाई को कमजोर दिखाता है। इस तरीके की घोर लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह पूरी तरह अक्षम्य है ।”

इन पर गिरी गाज

अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी ने निम्नलिखित पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई का चाबुक चलाया है:

  • प्रधान आरक्षक (नंबर 814) बालेश्वर तिवारी (थाना कोनी से रक्षित केंद्र, बिलासपुर संबद्ध)
  • मददगार आरक्षक (नंबर 1263) अनुज जांगड़े (थाना कोनी से रक्षित केंद्र, बिलासपुर संबद्ध)

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

इस त्वरित और दंडात्मक कार्रवाई की प्रतिलिपि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर/ग्रामीण), नगर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली), रक्षित निरीक्षक और थाना प्रभारी कोनी सहित संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु जारी कर दी गई है ।

कप्तान के इस सख्त रवैये ने साफ कर दिया है कि अपराधियों को संरक्षण देने या उनके प्रति थोड़ा सा भी ढीला रवैया अपनाने वाले खाकीधारियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के बाद से बिलासपुर के सभी थानों में हड़कंप मच गया है।

Related posts