परंपरागत खेती से आगे बढ़कर नवाचार की राह: पतराटोली के किसान अनारथ साय ने शेडनेट हाउस, ऑयल पाम और अंतरवर्ती खेती से बढ़ाई आय, जशपुर दौरे में प्रभारी सचिव अंकित आनंद हुए प्रभावित

जशपुर के किसान अनारथ साय संरक्षित खेती से बने आर्थिक रूप से मजबूत

प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने ग्राम पतराटोली में किसान के खेत उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी का किया अवलोकन

राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना का लाभ लेकर ऑयल पाम की खेती कर रहा किसान

अंतरवती खेती से स्ट्राबेरी, टमाटर और फूलगोभी की भी कर रहे खेती

जशपुर : जिले के प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने जशपुर विकास खंड के ग्राम पतराटोली में उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी का अवलोकन करके उन्नत खेती की जानकारी ली।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार जशपुर एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक श्री करण सोनकर और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने जशपुर भ्रमण के द्रौरान समस्त विभागों की समीक्षा बैठक ली गई एवं जशपुर जिले का भ्रमण किया गया, भ्रमण के दौरान उद्यानिकी विभाग से लाभान्वित किसान श्री अनारथ साय, ग्राम-पतराटोली के ऑयल पाम रोपित प्रक्षेत्र का भ्रमण किया एवं किसान से ऑयल पाम सम्बन्धित जानकारी ली गई एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का जायजा लिया।

किसान श्री अनारथ साय ने उद्यानिकी विभाग की योजना का लाभ लेकर राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत 1 एकड़ में संरक्षित खेती स्थापित शेडनेट हाउस में की जा रही ग्राफ्टेड टमाटर की आधुनिक खेती भी की जा रही है।

कुल लागत 28 लाख 40 हजार में उद्यानिकी विभाग द्वारा 14 लाख 20 हजार का अनुदान का भी लाभ मिला है।

प्रभारी सचिव ने किसान के उन्नत खेती के तकनीकी की भी जानकारी ली।

किसान श्री अनारथ साय ने बताया कि समेकित उद्यानिकी विकास योजना के तहत 2 हेक्टेयर में रोपित आम व लीची बगीचा में लगाया गया है।

कृषक द्वारा मुख्य फसलों के बीच खाली जगह का सदुपयोग कर अपनाए गए इंटर क्रॉपिंग (अंतरवर्ती खेती) जैसे- स्ट्रॉबेरी, टमाटर और फूलगोभी की खेती को उन्होंने अन्य किसानों के लिए अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि इस एकीकृत कृषि प्रणाली से कम लागत में सालभर निरंतर आय प्राप्त की जा सकती हैं।

प्रभारी सचिव ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को शासन की इन महत्वाकांक्षी योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए ताकि अन्य किसान भी प्रेरित होकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।

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