तंबाकू नियंत्रण के लिए पुलिस-स्वास्थ्य विभाग का संयुक्त अभियान : नारायणपुर में कोटपा अधिनियम पर कड़ाई, नियम तोड़ने वालों पर 25 मामलों में चालान, ₹4,850 जुर्माना वसूला, 30 गुटखा पाउच भी जब्त, आमजन को भी किया जागरूक.

जिला नारायणपुर में तंबाकू नियंत्रण एवं सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध संबंधी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध तथा व्यापार एवं वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 (कोटपा अधिनियम) के अंतर्गत नारायणपुर पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त जांच एवं चालानी अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिन्सन गुड़िया (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं उप पुलिस अधीक्षक श्री परवेज़ कुरैशी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान एवं तंबाकू उत्पादों के अवैध उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, तंबाकू नियंत्रण कानूनों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना तथा आमजन को तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।

संयुक्त अभियान के दौरान कोटपा के सहायक नोडल अधिकारी डॉ. सियाम्बर सिंह, साइकोलॉजिस्ट श्री छत्रपाल साहू एवं नारायणपुर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, बाजार क्षेत्र, होटल-ढाबों, पान दुकानों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कोटपा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान कोटपा अधिनियम के तहत कुल 25 प्रकरणों में चालानी कार्रवाई करते हुए ₹4,850/- (चार हजार आठ सौ पचास रुपये) समन शुल्क वसूल किया गया। इसके अतिरिक्त निरीक्षण के दौरान 30 सितार गुटखा पाउच जब्त कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान दुकानदारों एवं आम नागरिकों को कोटपा अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान न करने, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पादों का विक्रय नहीं करने, शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों का विक्रय प्रतिबंधित होने सहित तंबाकू नियंत्रण संबंधी कानूनी प्रावधानों के पालन हेतु जागरूक किया गया। साथ ही तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए कानून का पालन करने की समझाइश भी दी गई।

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