जशपुर में 2.72 लाख पौधों का महाअभियान, साजा-अर्जुना से बढ़ेगी हरियाली और कोसा उत्पादन; हजारों ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार

जशपुर जिले में 2 लाख 72 हजार साजा-अर्जुना पौधों का पौधरोपण शुरू, कोसा उत्पादन से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय

जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की है। इसके साथ ही स्व सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कहा है।

इसी कड़ी में जिला जशपुर के अंतर्गत विकासखण्ड फरसाबहार, दुलदुला, पत्थलगांव और कुनकुरी में वर्ष 2026-27 में मनरेगा की विकसित भारत जी राम जी योजना अंतर्गत बड़े पैमाने पर पौधारोपण कार्य शुरू किया गया है।

जिला प्रशासन द्वारा 19 स्थलों पर 66.5 हेक्टेयर भूमि में साजा और अर्जुना के पौधों का पौधरोपण स्वीकृत किया गया है। प्रत्येक स्थल पर लगभग 14,350 पौधों के हिसाब से कुल ’2 लाख 72 हजार 650 पौधों’ की नर्सरी तैयार कर रोपण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

कोसा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाना है। साजा और अर्जुना के पौधे कोसा कीट पालन के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। इन पौधों के बड़े होने पर आदिवासी और किसान परिवार प्राकृतिक कोसा उत्पादन से स्थायी और अच्छी आय अर्जित कर सकेंगे।

मनरेगा जॉब कार्ड धारक परिवारों को इस कार्य से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। रेशम विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में पौधों की देखभाल और रखरखाव किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय मजदूरों को पौधों की चौकीदारी के लिए भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

 अधिकारियों का कहना है कि यह पहल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। अर्जुन के पौधे बड़े होकर कोसा उत्पादन का मुख्य केंद्र बनेंगे, जिससे ग्रामीणों का पलायन रुकेगा और वे कृषि आधारित उद्योगों से जुड़ सकेंगे।

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