ऑपरेशन आघात में नशे के कारोबार पर रायगढ़ पुलिस का शिकंजा : रेलवे स्टेशन से 15 किलो गांजा सहित तीन गिरफ्तार, लैलूंगा में भी तीन आरोपी पकड़े गए, एनडीपीएस एक्ट में हुई कार्रवाई.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत पिछले 48 घंटे में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में कुल 18.1632 किलोग्राम गांजा, नशीले इंजेक्शन एवं टैबलेट बरामद कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रायगढ़ रेलवे स्टेशन के पास कोतवाली पुलिस, साइबर सेल एवं आरपीएफ की संयुक्त टीम ने 15.1632 किलो गांजा के साथ तीन आरोपियों को पकड़ा, वहीं प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन एवं टैबलेट बेचने की फिराक में घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा लैलूंगा पुलिस ने 3 किलो गांजा के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

दिनांक 18 अगस्त 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि रायगढ़ रेलवे स्टेशन मोटर सायकल स्टैंड के सामने तीन व्यक्ति अवैध रूप से गांजा रखकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना पर कोतवाली पुलिस, साइबर टीम एवं आरपीएफ की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल घेराबंदी की गई। पुलिस टीम को देखकर तीनों आरोपी भागने का प्रयास करने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम त्रिनाथ मलिक पिता साधु मलिक उम्र 27 वर्ष, ओमप्रकाश राउत पिता पोरन राउत उम्र 20 वर्ष एवं सत्यव्रत मोहन्ती पिता भोगराज मोहन्ती उम्र 25 वर्ष, तीनों निवासी गिरीमा, थाना गोप, जिला पुरी, ओडिशा बताया। आरोपियों एवं उनके बैग की विधिवत तलाशी लेने पर 15.1632 किलोग्राम गांजा, अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये तथा 3 नग मोबाइल फोन बरामद किए गए। मामले में आरोपियों के विरुद्ध थाना कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

दिनांक 18 अगस्त 2026 को मुखबिर सूचना के आधार पर रेलवे स्टेशन रायगढ़ मोटर सायकल स्टैंड के पास नशीले इंजेक्शन एवं टैबलेट बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे युवक को कोतवाली पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दीपक डोंगरे पिता दलगंज डोंगरे उम्र 22 वर्ष, निवासी बापूनगर रायगढ़, थाना कोतवाली, जिला रायगढ़ बताया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 18 नग Pentazocine Injection IP 30mg/ml, 17 नग Nitrazepam Tablets IP, एक इस्तेमाल किया हुआ निडिल-सिरिंज तथा बिक्री रकम 200 रुपये बरामद की गई। बरामद नशीले पदार्थों की कुल कीमत करीब 1,032.96 रुपये बताई गई है। आरोपी के पास नशीले पदार्थ रखने एवं बिक्री करने संबंधी कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। मामले में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 444/2026, धारा 21, 22 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई है। दोनों कार्रवाई में निरीक्षक थाना प्रभारी कोतवाली अमित तिवारी, थाना प्रभारी सइबर निरीक्षक विजय चेलक, उपनिरीक्षक विजय एक्का, एएसआई विल्फ्रेड मसीह, रेलवे सुरक्षा बल टास्क टीम, बिलासपुर के प्रधान आरक्षक मनोज कुमार, रजनीश द्विवेदी, सत्यम सरकार, थाना साइबर के आरक्षक महेश पंडा, मनोज पटनायक और संतराम केंवट, थाना कोतवाली के प्रधान मनोज मरावी, आरक्षक सत्यानन्द यादव, शिवविभोर मिश्रा, घनश्याम कुर्रे और भगवती प्रसाद रत्नाकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

दिनांक 19 अगस्त 2026 को लैलूंगा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम पाकरगांव मुख्य मार्ग के पास तीन व्यक्ति अवैध गांजा रखकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। मौके से बोधराम यादव पिता समारू यादव उम्र 44 वर्ष निवासी केकराझरिया थाना लैलूंगा, दिलाराम चौहान पिता स्व. सनरखु चौहान उम्र 55 वर्ष निवासी कुकुरभुका थाना बागबहार जिला जशपुर तथा सनत साय चौहान पिता स्व. मुनेश्वर चौहान उम्र 50 वर्ष निवासी बिरिमडेगा थाना बागबहार जिला जशपुर को पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से 3 किलोग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 1.50 लाख रुपये है, बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने गांजा ओडिशा से लाकर बिक्री के लिए रखना बताया। आरोपियों के विरुद्ध धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। कार्रवाई में थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव, सहायक उपनिरीक्षक परमेश्वर पैंकरा एवं हमराह स्टॉफ प्रधान आरक्षक जयशरण चन्द्रा, आरक्षक राजू कुमार तिग्गा, आरक्षक ईलियाजर टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

“ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस द्वारा जिले में गांजा एवं अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री और अवैध भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है तथा नशे के कारोबार से जुड़े आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Related posts