“सफ़र छोटा हो या बड़ा, एक हेलमेट – हजारों खुशियाँ”, “हेलमेट नहीं तो यात्रा नहीं” अभियान में जशपुर पुलिस की बड़ी जागरूकता कार्यवाही.
पिछले दो दिनों में करीब 5000 बिना हेलमेट वाहन चालकों को रोककर कराया गया सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक.
चालानी कार्यवाही नहीं, बल्कि हेलमेट लाने एवं रसीद प्रस्तुत करने के बाद सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाकर किया जा रहा जागरूक.
जशपुर पुलिस का लक्ष्य—सड़क दुर्घटनाओं में कमी एवं दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकना.
जिले के प्रत्येक नागरिक द्वारा हेलमेट को अपनी आदत एवं जिम्मेदारी बनाने तक लगातार जारी रहेगा अभियान.
जशपुर : जशपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस ने ऐसा अभियान छेड़ा है, जिसमें मकसद चालान काटना नहीं, बल्कि जिंदगी बचाना है। “हेलमेट नहीं तो यात्रा नहीं” अभियान के तहत पिछले दो दिनों में करीब 5 हजार बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को रोककर समझाइश दी गई। हेलमेट लाने और रसीद दिखाने के बाद उन्हें सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई जा रही है। पुलिस का लक्ष्य जिले में हेलमेट को आदत बनाकर दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकना है।
जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा दुर्घटनाओं के दौरान होने वाली मृत्यु एवं गंभीर चोटों को रोकने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस द्वारा “हेलमेट नहीं तो यात्रा नहीं” अभियान लगातार चलाया जा रहा है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सड़क सुरक्षा एवं हेलमेट जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।
जशपुर पुलिस का उद्देश्य केवल यातायात नियमों का पालन कराना अथवा चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन एवं अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना है। पुलिस द्वारा नागरिकों को लगातार यह समझाया जा रहा है कि हेलमेट यातायात नियमों का बोझ नहीं, बल्कि दुर्घटना के समय जीवन रक्षक सुरक्षा कवच है।

पिछले दो दिनों में करीब 5000 से अधिक लोगों को किया गया जागरूक –
इसी क्रम में जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में विशेष “हेलमेट नहीं तो यात्रा नहीं” जागरूकता कार्यवाही की गई। पिछले दो दिनों में लगभग 5000 से अधिक ऐसे दोपहिया वाहन चालकों को रोककर जागरूक किया गया, जो बिना हेलमेट वाहन चलाते पाए गए। इस दौरान जशपुर पुलिस द्वारा चालानी कार्यवाही को प्राथमिकता नहीं दी गई। बिना हेलमेट पाए गए वाहन चालकों को रोककर हेलमेट के महत्व एवं दुर्घटना के दौरान सिर की सुरक्षा में हेलमेट की भूमिका के संबंध में समझाइश दी गई।
वाहन चालकों को हेलमेट खरीदने के लिए प्रेरित किया गया तथा हेलमेट लाकर उसकी खरीद की रसीद प्रस्तुत करने के बाद उन्हें सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाते हुए आगे से नियमित रूप से हेलमेट पहनकर वाहन चलाने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस का प्रयास है कि व्यक्ति केवल पुलिस की मौजूदगी में ही नहीं, बल्कि पुलिस की निगरानी के बिना भी अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट पहने।
अभियान का असर—लोगों में बढ़ी हेलमेट पहनने की आदत –
जशपुर पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे व्यापक जागरूकता अभियान का सकारात्मक प्रभाव जिले में देखने को मिल रहा है। अब बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक यात्रा के दौरान हेलमेट का नियमित उपयोग कर रहे हैं।
हालांकि कुछ नागरिक अभी भी बिना हेलमेट वाहन चलाते पाए जा रहे हैं। ऐसे लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस द्वारा यह विशेष अभियान लगातार जारी रखा गया है।
जशपुर पुलिस की स्पष्ट मंशा है कि जिले का प्रत्येक व्यक्ति घर से निकलते समय हेलमेट पहनने की अनिवार्यता को समझे और इसे अपनी दैनिक आदत एवं जिम्मेदारी बनाए।
जब तक प्रत्येक नागरिक हेलमेट नहीं पहनता, जारी रहेगा अभियान –
जशपुर पुलिस का यह अभियान किसी एक दिन अथवा कुछ दिनों तक सीमित नहीं है। यह जागरूकता कार्यवाही लगातार जारी रहेगी, जब तक जिले के सभी नागरिक घर से निकलते समय हेलमेट पहनने की अनिवार्यता को पूरी तरह नहीं समझ लेते और हेलमेट धारण करना अपनी जिम्मेदारी नहीं बना लेते।
पुलिस का उद्देश्य लोगों पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि उनमें ऐसा व्यवहार परिवर्तन लाना है कि हर दोपहिया वाहन चालक स्वयं हेलमेट पहने और अपने पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनाए।
सड़क सुरक्षा को जनअभियान बनाने के लिए लगातार किए जा रहे प्रयास –
जशपुर पुलिस द्वारा हेलमेट एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता को जनअभियान का रूप देते हुए विभिन्न स्तरों पर लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक हेलमेट जागरूकता की अपील पहुंचाई गई।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हेलमेट जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं।
जिले के प्रत्येक अनुभाग एवं थाना/चौकी स्तर पर हेलमेट जागरूकता रैली आयोजित कर लगभग 10,000 लोगों को सहभागी बनाया गया।
जागरूकता रथ के माध्यम से गांवों एवं हाट-बाजारों में यातायात जागरूकता का प्रचार-प्रसार किया गया।
स्कूल एवं कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों एवं युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
नागरिकों को “सड़क सुरक्षा के 07 वचन” का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
हेलमेट जागरूकता के लिए रील मेकिंग एवं सेल्फी प्रतियोगिता आयोजित कर विजेताओं को हेलमेट एवं पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
800 लोकेशन पर एक साथ पहुंचाया गया सड़क सुरक्षा का संदेश –
ज्ञातव्य है कि डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर के नेतृत्व में जशपुर पुलिस द्वार दिनांक 24.06.2026 को एक ऐतिहासिक एवं अभिनव पहल करते हुए जिले के सभी 766 गांवों एवं नगरीय निकायों सहित कुल 800 लोकेशन पर एक ही दिन एवं एक ही समय में पुलिस जन चौपाल आयोजित कर हेलमेट एवं सड़क सुरक्षा का संदेश प्रत्येक ग्राम तक पहुंचाया गया था। इस अभियान में अधिकांश ग्राम सभाओं द्वारा हेलमेट जागरूकता के संबंध में प्रस्ताव भी पारित किए गए थे। जशपुर पुलिस की इस अभिनव पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया तथा जशपुर पुलिस को इसका प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
60,000 लोगों को “सड़क सुरक्षा के 07 वचन” की शपथ दिलाने का संकल्प –
जशपुर पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जिले में 60,000 लोगों को “सड़क सुरक्षा के 07 वचन” की शपथ दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके माध्यम से नागरिकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, गलत तरीके से ओवरटेक नहीं करने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, यातायात नियमों का पालन करने, स्वयं के साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
50 जीवन बचाने का दृढ़ संकल्प –
जशपुर पुलिस का सड़क सुरक्षा अभियान केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है। इसका मूल उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करना एवं कम से कम 50 अनमोल जिंदगियों को सुरक्षित रखने का दृढ़ संकल्प है। पुलिस का मानना है कि एक व्यक्ति द्वारा हेलमेट पहनने से केवल उसका जीवन ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार की खुशियां सुरक्षित रहती हैं।
“एक हेलमेट — कई जिंदगियों की सुरक्षा”
पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह की अपील –
पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि —“सफर छोटा हो या बड़ा, दोपहिया वाहन चलाते समय स्वयं हेलमेट अवश्य पहनें और पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनाएं। आपका जीवन आपके लिए ही नहीं, बल्कि आपके परिवार के लिए भी अमूल्य है। सड़क सुरक्षा को केवल पुलिस की जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानें।
जशपुर पुलिस का उद्देश्य चालान करना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकना और प्रत्येक परिवार को सुरक्षित रखना है। जो नागरिक अभी भी बिना हेलमेट वाहन चला रहे हैं, वे स्वयं आगे बढ़कर हेलमेट धारण करें और अपने परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।”
जशपुर पुलिस का स्पष्ट संदेश है — “आपकी सुरक्षा – हमारी जिम्मेदारी”.
