ग्राम गारीघाट में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया आम का पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया प्रेरक संदेश
जशपुर : जशपुर जिले के वनांचल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित संवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में आज ग्राम गारीघाट में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। वन परिक्षेत्र तपकरा अंतर्गत ग्राम गारीघाट में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा फलदार प्रजाति आम के पौधे का रोपण किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण, हरित संवर्धन एवं पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
रक्षाबंधन के पर्व पर वृक्ष को राखी बांधकर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
रक्षाबंधन पर्व पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम गारीघाट में स्थित आम के वृक्ष को राखी बांधकर ‘राखी का धागा, प्रकृति की रक्षा का वादा का भावपूर्ण संदेश दिया।
वृक्ष को भाई के समान मानकर राखी बांधने की यह पहल प्रकृति के साथ मानव के भावनात्मक संबंध तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी को रेखांकित करती है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण का आधार नहीं है, बल्कि मानव जीवन, जल, मिट्टी, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी सीधे जुड़े हुए हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षों की रक्षा के साथ अधिक से अधिक पौधरोपण के लिए आगे आना चाहिए।
महिला जनप्रतिनिधियों ने किया सामूहिक वृक्षारोपण
ग्राम गारीघाट में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में महिला जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान फलदार प्रजातियों आम एवं जामुन के कुल 16 पौधों का रोपण किया गया। सामूहिक पौधरोपण का उद्देश्य ग्राम क्षेत्र में हरित आवरण को बढ़ाना, फलदार वृक्षों को प्रोत्साहित करना तथा स्थानीय समुदाय को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। फलदार वृक्ष भविष्य में ग्रामीणों को पौष्टिक फल उपलब्ध कराने के साथ-साथ पक्षियों एवं अन्य वन्यजीवों के लिए भोजन और आश्रय का माध्यम भी बनेंगे।
जनभागीदारी से साकार हो रहा हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल ग्राम
कार्यक्रम में महिला समिति एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल वन विभाग या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही व्यापक स्तर पर हरित संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। ग्राम गारीघाट में आयोजित यह कार्यक्रम प्रकृति और समाज के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। आम के वृक्ष को राखी बांधने की पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक एवं भावनात्मक सरोकार से जोडने का संदेश ग्रामीणों, महिलाओं एवं उपस्थित लोगों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा।
