स्वामित्व योजना से मिला भूमि पर अधिकार, लखन राम एवं शंकर राम के परिवार को मिली सुरक्षा और खुशी.
35 वर्षों से आबादी भूमि पर निवासरत परिवार को मिला अधिकार अभिलेख.
जशपुर : जशपुर के ग्राम बिलासपुर में करीब 35 वर्षों से आबादी भूमि पर रह रहे लखन राम और शंकर राम के परिवार को आखिरकार अपनी जमीन का अधिकार अभिलेख मिल गया। स्वामित्व योजना के तहत खसरा नंबर 43/12 की 15 डिसमिल भूमि पर अधिकार का प्रमाण मिलने से परिवार की लंबे समय से चली आ रही चिंता दूर हुई। दस्तावेज हाथ में आते ही परिवार में खुशी और सुरक्षा का भाव बढ़ा। हितग्राहियों ने शासन के प्रति आभार जताते हुए इसे अपने लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में शासन की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी भूमि पर अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी कड़ी में कुनकुरी विकासखंड के ग्राम बिलासपुर निवासी लखन राम एवं शंकर राम, पिता श्री रामसुंदर राम, को स्वामित्व योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।
35 वर्षों से भूमि पर निवास, अब मिला अधिकार का प्रमाण –
हितग्राही लखन राम एवं शंकर राम का परिवार लगभग 35 वर्षों से ग्राम बिलासपुर स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 43/12 की आबादी भूमि पर निवासरत था। भूमि पर कानूनी अधिकार का प्रमाण नहीं होने के कारण परिवार को अपने घर और जमीन की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी।
वर्ष 2026 में शासन की स्वामित्व योजना के माध्यम से हितग्राही को खसरा नंबर 43/12 की 15 डिसमिल भूमि पर अधिकार का प्रमाण अधिकार अभिलेख के रूप में प्राप्त हुआ। इससे उन्हें अपनी भूमि पर अधिकार का दस्तावेज मिला है और परिवार में सुरक्षा एवं आत्मविश्वास की भावना बढ़ी है।
भूमि का अधिकार मिलने से परिवार में खुशी –
अधिकार अभिलेख प्राप्त होने के बाद हितग्राही अपने घर और भूमि को लेकर पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लंबे समय से जिस भूमि पर उनका परिवार निवास कर रहा था, उस पर अधिकार का प्रमाण मिलने से परिवार में खुशी का वातावरण है।
हितग्राही ने बताया कि वे लगभग 35 वर्षों से ग्राम बिलासपुर में निवासरत हैं। छत्तीसगढ़ शासन एवं केंद्र शासन की स्वामित्व योजना के माध्यम से उन्हें भूमि पर अधिकार का प्रमाण प्राप्त हुआ है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
