महासमुंद में जशपुर की शिक्षिकाओं का सम्मान, सरिता नायक ने संभाग का किया प्रतिनिधित्व; शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने मंच से बढ़ाया उत्साह, सम्मान समारोह में शिक्षिकाओं की प्रतिभा ने बटोरी सुर्खियां.

महासमुंद में दो दिवसीय महिला शिक्षक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन हुआ जिसमें पूरे राज्य भर से महिलाओं की  उपस्थिति भारी संख्या में हुई। जिसमें प्रथम दिवस महिलाओं में से संभाग प्रतिनिधित्व करते हेतु संभाग की महिलाओं का चयन कर उनका स्वागत गुलदस्ता एवं माला पहनाकर किया गया, उसके पश्चात महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु प्रयास और उनमें आने वाली कठिनाई तथा उनके निराकरण के विषय में चर्चा की गई। उसके पश्चात रात्रि कालीन सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसमें विभिन्न जिलों से आई महिला एवं पुरुष शिक्षकों ने गायन, नृत्य नाटक, बस्तर नाच, गान, गिटार वादन तथा गीत एवं कविता में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिसमें श्रीमती सरिता नायक ने छत्तीसगढ़ का नाम जगाना है इसे विश्व में स्थान दिलाना है नामक कविता प्रस्तुत कर पूरे राज्य से आये शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का मन मोह लिया, सभी ने खुलकर छत्तीसगढ़ के नाम जगाने का संकल्प लिया।

प्रथम दिवस कार्यक्रम का समापन बस्तर एवं जशपुर आदिवासी नृत्य के समेकन से हुआ, द्वितीय कार्यक्रम की शुरुआत योगा एवं प्रार्थना सभा से हुई। उसके पश्चात प्रत्येक जिले से आये महिला शिक्षकों ने इस सम्मेलन की शक्ति का महत्व अपने अपने शब्दों से दिया एंव बालोद की श्रीमती अनिता सिंह के द्वारा समझाया गया। श्रीमती सरिता नायक ने सभी महिला शिक्षकों को मुश्किल परिस्थितियों में भी धैर्य से ‌काम लेकर उनका सामना करना महिलाओं का एक अविस्मरणीय ताकत है बतलाया गया। द्वितीय दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षामंत्री गजेन्द्र यादव जी थे उन्होंने महिलाओं के इस सम्मेलन में उनका उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि महिलाएँ केवल घर नहीं स्कूल के भी बच्चों को संभालती है, बस घर से उनका तरीका बदल जाता है, यहां वह भोजन नहीं बच्चों का भविष्य निर्माण करती है क्योंकि पूरे छत्तीसगढ़ से लगभग 3000 महिलाएँ उपस्थित हुई थी, इसलिए हर जिले से राज्यपाल पुरूस्कृत उत्कृष्ट एक शिक्षक को सम्मान-पत्र एवं लगभग 800 महिलाओं को अभिनन्दन-पत्र से सम्मानित किया गया। किन्तु संख्या अधिक होने के कारण संभाग प्रतिनिधित्व हेतु एक या दो महिला शिक्षकों को संभाग का प्रतिनिधित्व कर अभिनन्दन पत्र प्राप्त करने हेतु मंच में बुलाया गया जिसमें सरगुजा संभाग का प्रतिनिधित्व श्रीमती सरिता नायक जिन्हें राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त है उन्हें स्वयं के सम्मान पत्र व सभी महिलाओं के अभिनन्दन पत्र को लेने मंच पर उपस्थित होकर सरगुजा संभाग की सभी महिला शिक्षिकाओं की ओर से अभिनन्दन पत्र को स्वीकार किया एंव स्वयं के लिए दिए सम्मान-पत्र हेतु मंत्री को धन्यवाद दिया।

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