दीपावली पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के बगिया निवास में दिनभर रहा उत्सवी माहौल, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने सभी का आत्मीयता से किया स्वागत, प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की
जशपुर : प्रकाश और उल्लास के महापर्व दीपावली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के बगिया स्थित गृह निवास में दिनभर उत्सव और आत्मीय मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी का आत्मीयता से स्वागत किया और दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन की कामना की। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी -कर्मचारी और गणमान्य नागरिक मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। सभी ने मुख्यमंत्री को दीपावली की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने भी सभी के साथ आत्मीय संवाद कर पर्व की खुशियां साझा कीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दीपावली केवल दीपों का पर्व नहीं, बल्कि आशा, विश्वास, प्रेम और सद्भाव का उत्सव है। यह पर्व हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने, बुराई पर अच्छाई की विजय और आपसी भाईचारे एवं एकता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। दीपावली का प्रकाश हर व्यक्ति के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का संचार करता है। मुख्यमंत्री ने कामना की कि दीपावली का यह पावन पर्व छत्तीसगढ़ के प्रत्येक घर-आंगन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। प्रदेशवासियों के जीवन में खुशहाली आए और छत्तीसगढ़ विकास, उन्नति एवं समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित करता रहे। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री के बगिया स्थित गृह निवास में पूरे दिन उत्सवी माहौल बना रहा। लोगों ने एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और पर्व की खुशियां साझा कीं।
इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याओं तथा विभिन्न मांगों से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी की बातें गंभीरतापूर्वक सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों एवं प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी आवेदक को अनावश्यक परेशानी या देरी का सामना न करना पड़े और प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो।
