नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग मामले में बड़ा न्यायिक फैसला, दोषी मनीष डोण्डे को 20 वर्ष का कठोर कारावास; पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया दंडादेश

​बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की उत्कृष्ट एवं ठोस विवेचना से मिली बड़ी सफलता

नाबालिग बालिका का व्यपहरण, दुष्कर्म एवं वीडियो बनाकर धमकी देने वाले दोषी मनीष डोण्डे को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा

माननीय विशेष पॉक्सो न्यायालय, भाटापारा ने अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट एवं BNS की विभिन्न धाराओं में सुनाया कठोर दंडादेश व अर्थदंड

त्वरित जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और समयबद्ध चार्जशीट ने अदालत में सुनिश्चित की कड़ी सजा

​बलौदाबाजार-भाटापारा : महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को साबित करते हुए बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा की गई प्रभावी एवं त्वरित विवेचना के फलस्वरूप माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो), भाटापारा (पीठासीन अधिकारी: सतीश कुमार जायसवाल, अपर सत्र न्यायाधीश) द्वारा गंभीर अपराध में संलिप्त अभियुक्त मनीष डोण्डे को 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है। 

​प्रकरण का संक्षिप्त विवरण:- थाना भाटापारा ग्रामीण अंतर्गत दिनांक 15.07.2024 को प्रार्थीया द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री (उम्र 15 वर्ष 05 माह) दिनांक 06.07.2024 को स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। आरोपी मनीष डोण्डे द्वारा बालिका को डरा-धमकाकर अपनी मोटरसाइकिल में बैठाकर मदकूद्वीप ले जाकर गलत काम (दुष्कर्म) किया गया तथा अपने मोबाइल में वीडियो बनाकर पैसे की मांग की गई व पैसे न देने पर वीडियो सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी दी गई। शिकायत पर थाना भाटापारा ग्रामीण में अपराध क्र. 347/2024 धारा 137(2),87,64(1), 351(2) BNS एवं धारा 4,6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। 

​बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की कार्यप्रणाली व विवेचना के प्रमुख बिंदु:

1. ​त्वरित कार्यवाही एवं दस्तयाबी: पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए पीड़िता को सकुशल बरामद किया गया तथा घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए। 

2. ​दस्तावेजी एवं प्रामाणिक साक्ष्य: पीड़िता की आयु की पुष्टि हेतु विद्यालय का दाखिला-खारिज पंजी एवं हलफनामा जप्त कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। 

3. ​वैज्ञानिक साक्ष्य व वाहन जप्ती: विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (CG 25 CZ 6258) जप्त की गई तथा पीड़िता का डॉक्टरी मुलाहिजा व मेडिकल साक्ष्य विधिवत एकत्र कर केस को मजबूत किया गया। 

4. ​समयबद्ध चालान व मजबूत पैरवी: तत्कालीन विवेचना अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक पुष्पा राठौर एवं टीम द्वारा त्वरित विवेचना पूर्ण कर निर्धारित समयावधि में अभियोग पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विशेष लोक अभियोजक श्री संजय बाजपेयी के साथ निरंतर समन्वय से अदालत में साक्ष्यों को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। 

​दोषी अभियुक्त का विवरण:- मनीष डोण्डे, पिता जनेन्द्र डोण्डे, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम परसदा (चौकी मारो), थाना नांदघाट, जिला बेमेतरा (छ.ग.)

​माननीय न्यायालय द्वारा पारित दंडादेश (विशेष दांडिक प्रकरण क्र. 50/2024):- माननीय विशेष न्यायालय द्वारा दिनांक 24.09.2026 को निर्णय घोषित करते हुए अभियुक्त मनीष डोण्डे को निम्न धाराओं के तहत दंडित किया गया:

1. धारा 4(2) पॉक्सो एक्ट 2012: 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹500/- अर्थदंड (अदा न करने पर 50 दिवस का अतिरिक्त कारावास)।

2. धारा 87 बी.एन.एस.: 05 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹200/- अर्थदंड (अदा न करने पर 10 दिवस का अतिरिक्त कारावास)।

3. धारा 137(2) बी.एन.एस.: 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹100/- अर्थदंड (अदा न करने पर 10 दिवस का अतिरिक्त कारावास)।

4. धारा 351(2) बी.एन.एस.: 02 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹200/- अर्थदंड (अदा न करने पर 10 दिवस का अतिरिक्त कारावास)।

(सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।) 

​आम जनता से अपील:- बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस आम नागरिकों एवं अभिभावकों से अपील करती है कि बच्चों की सुरक्षा व उनकी गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखें। किसी भी बच्चे के लापता होने या संदेहास्पद परिस्थिति की सूचना तत्काल निकटतम थाने अथवा आपातकालीन नंबर 112 पर दें। पुलिस बालकों एवं महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में कठोरतम कानूनी कार्यवाही हेतु सदैव प्रतिबद्ध है। 

मीडिया हेतु अनिवार्य निर्देश: लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 33(7) एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 72 के तहत पीड़िता का नाम, फोटो, पता, विद्यालय या उसकी पहचान उजागर करना पूर्णतः प्रतिबंधित एवं दंडनीय अपराध है।]

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