जशपुर के ग्रामीण पर्यटन मॉडल की गूंज पहुंची ओडिशा तक, विश्व पर्यटन दिवस पर भुवनेश्वर में होमस्टे संचालक बिपिन राम ने साझा किया सफलता का अनुभव—पर्यटन से रोजगार, आत्मविश्वास और स्थानीय आजीविका को मिली नई उड़ान

विश्व पर्यटन दिवस पर ओडिशा में गूंजी जशपुर के मॉडल होमस्टे की सफलता की कहानी

ओडिशा पर्यटन विभाग के विशेष आमंत्रण पर भुवनेश्वर पहुंचे जशपुर के प्रतिनिधि, साझा किया ग्रामीण पर्यटन और आजीविका विकास का अनुभव

जशपुर : छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल जशपुर जिले में विकसित हो रहा समुदाय आधारित होमस्टे मॉडल अब दूसरे राज्यों के लिए भी अनुभव और प्रेरणा का माध्यम बन रहा है।

विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर ओडिशा पर्यटन विभाग के विशेष आमंत्रण पर जशपुर के प्रतिनिधियों ने भुवनेश्वर स्थित सेवा भवन में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से स्थानीय समुदायों के आर्थिक सशक्तीकरण की अपनी सफलता की कहानी साझा की।

कार्यक्रम में जशपुर जिले के पर्यटन नोडल अधिकारी श्री दीपक मिंज और ग्राम केरे (देशदेखा) के होमस्टे संचालक श्री बिपिन राम ने जिले में होमस्टे विकास की यात्रा, स्थानीय समुदाय की भागीदारी और इससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में अपने अनुभव साझा किए।

जशपुर का होमस्टे मॉडल: ग्रामीण पर्यटन से आत्मनिर्भरता की ओर

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और दूरदर्शी सोच के अनुरूप जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय आजीविका और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।

जिला प्रशासन एवं Homestays of India के सहयोग से जिले के विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों में होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं।

इस पहल का उद्देश्य केवल पर्यटकों को आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को पर्यटन उद्यमी के रूप में विकसित करना, स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण करना तथा पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंचाना है।

होमस्टे संचालक ने साझा की अपनी सफलता की कहानी

कार्यक्रम में जिले से श्री दीपक मिंज नोडल जिला पर्यटन जशपुर एवं होमस्टे संचालन श्री बिपिन राम ग्राम केरे देशदेखा के निवासी द्वारा सफल अनुभव को साझा किया गया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार होमस्टे संचालन ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं।

पर्यटकों की मेजबानी से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले अतिथियों के साथ संवाद ने उनके आत्मविश्वास और अनुभव को भी समृद्ध किया है।

उन्होंने अपने घर में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की मेजबानी के अनुभव का भी उल्लेख किया, जो उनके और उनके परिवार के लिए एक यादगार उपलब्धि रही।

जशपुर के अनुभव से अन्य राज्यों को भी मिलेगा लाभ

कार्यक्रम में जशपुर के प्रतिनिधियों ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन की सफलता के लिए केवल होमस्टे का निर्माण पर्याप्त नहीं है।

स्थानीय परिवारों का प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण आतिथ्य, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपस्थिति, प्रभावी विपणन और निरंतर मार्गदर्शन भी उतने ही आवश्यक हैं।

जशपुर में जिला प्रशासन और Homestays of India के सहयोग से इसी दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण परिवार अपने होमस्टे का सफलतापूर्वक संचालन कर सकें और पर्यटन से स्थायी आय अर्जित कर सकें।

इस अनुभव के आदान-प्रदान से छत्तीसगढ़ और ओडिशा में समुदाय आधारित पर्यटन, ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय आजीविका के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

ओडिशा पर्यटन विभाग का जताया आभार

जशपुर के प्रतिनिधियों ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आमंत्रित करने तथा अपने अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करने के लिए ओडिशा पर्यटन विभाग का विशेष आभार व्यक्त किया।

यह आयोजन ग्रामीण विकास और पर्यटन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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