कमीशन के लालच में बैंक खाते बने देशभर की साइबर ठगी का जरिया! सुपेला पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी की रकम ट्रांसफर करने वाले एक और आरोपी प्रकाश मंगराज को पकड़ा, अब तक 33 गिरफ्तार; 172 बैंक खातों के दुरुपयोग का मामला

म्यूल अकाउंट के जरिए देशभर में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 33 आरोपी गिरफ्तार

म्यूल अकाउंट के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने एवं ट्रांसफर करने के मामले में थाना सुपेला पुलिस की कार्रवाई।

बंधन बैंक के 172 खातों के दुरुपयोग से संबंधित प्रकरण में गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

आरोपी बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम प्राप्त कर कमीशन के बदले आगे ट्रांसफर करने की गतिविधि में संलिप्त पाया गया।

पुलिस द्वारा एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकरण में अब तक कुल 33 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

प्रकरण में अपराध क्रमांक 679/2026, धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

दुर्ग : गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर थाना सुपेला में बंधन बैंक के 172 खाताधारकों से संबंधित साइबर धोखाधड़ी का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन बैंक खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से प्राप्त राशि को जमा करने तथा आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।

विवेचना के दौरान सामने आया कि कुछ खाताधारक अपने बैंक खातों को साइबर ठगी में संलिप्त व्यक्तियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों में ठगी की रकम जमा होने के बाद कमीशन लेकर राशि अन्य खातों में ट्रांसफर की जाती थी। मामले की जांच एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने प्रकाश मंगराज को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में पूर्व में 32 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। वर्तमान कार्रवाई के बाद गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 33 हो गई है।

मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)

आरोपियों द्वारा बैंक खाते खुलवाकर अथवा अपने खातों का उपयोग साइबर ठगी में संलिप्त व्यक्तियों को करने दिया जाता था। ठगी से प्राप्त रकम इन खातों में जमा कराई जाती थी तथा खाताधारक कमीशन लेकर उक्त राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इस प्रकार बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से अर्जित रकम के लेन-देन में किया जाता था।

घटना स्थल

थाना सुपेला, जिला दुर्ग में पंजीबद्ध प्रकरण। साइबर ठगी से संबंधित लेन-देन देश के विभिन्न राज्यों से जुड़ा हुआ है।

गिरफ्तार आरोपी का नाम– प्रकाश मंगराज, उम्र 23 वर्ष, निवासी शंकर पारा, शीतला तालाब के पास, अम्बे चौक, सुपेला, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।

जप्त सामग्री

प्रस्तुत जानकारी में इस कार्रवाई के दौरान जप्त की गई किसी विशिष्ट सामग्री का विवरण उपलब्ध नहीं है।

सराहनीय कार्य

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक एस.एन. सिंह के नेतृत्व में उप निरीक्षक चितराम ठाकुर, आरक्षक प्रदीप सिंह तथा ए.सी.सी.यू. (साइबर सेल), दुर्ग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। कमीशन या अन्य आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग करने के लिए देना साइबर अपराध में संलिप्तता का कारण बन सकता है। अपने खाते में किसी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल बैंक एवं पुलिस को सूचित करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

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