पुलिस स्मृति दिवस पर जशपुर पुलिस ने अमर शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, 56 शहीद परिवारों का किया सम्मान,
कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले देश के अमर शहीद पुलिसकर्मियों को रक्षित केंद्र जशपुर में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया,
पुलिस की टुकड़ी ने शहीदों को सलामी देकर राष्ट्र एवं समाज की सुरक्षा के लिए उनके अदम्य साहस, वीरता और बलिदान को किया स्मरण,
देशभर में 01 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए 154 पुलिसकर्मियों के नामों का किया गया स्मरण, शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि,
जिले के कुल 56 शहीद परिवारों को कार्यक्रम में किया गया आमंत्रित, जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर एवं DIG एवं SSP ने परिजनों से मुलाकात कर जाना उनका हालचाल,
शहीद परिवारों की पारिवारिक, व्यक्तिगत एवं आर्थिक समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनके निराकरण के लिए सकारात्मक पहल करने का दिया गया आश्वासन,
रक्षित केंद्र जशपुर में आयोजित हुआ पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम
जशपुर : जिला मुख्यालय जशपुर स्थित रक्षित केंद्र में पुलिस स्मृति दिवस का कार्यक्रम गरिमामय एवं भावपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, शांति एवं नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को नमन करना तथा उनके परिजनों के प्रति सम्मान, संवेदना और सहयोग की भावना व्यक्त करना था।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गंगाराम भगत, कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास, उप महा निरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जशपुर निमितेश सिंह, उप पुलिस अधीक्षक शुभम तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक विनोद मंडावी, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती आशा लकड़ा, उप पुलिस अधीक्षक भावेश कुमार समरथ, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे सहित शहीदों के परिजन, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य नागरिक उपस्थित रहे।
पुलिस टुकड़ी ने शहीदों को दी सलामी, 154 वीर पुलिसकर्मियों को किया नमन
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित परेड में प्रशिक्षु सूबेदार रविशंकर साहू ने मुख्य कमांडर की भूमिका निभाई। परेड में एक प्लाटून का नेतृत्व छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के पी.सी. दीपक यादव तथा दूसरे प्लाटून का नेतृत्व पीएसआई संदीप चौरसिया ने किया।
पुलिस की टुकड़ी द्वारा देश की सुरक्षा एवं सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को सलामी दी गई। इसके पश्चात दिनांक 01 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए कुल 154 पुलिसकर्मियों के नामों का स्मरण किया गया।
शहीद स्मारक पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिसकर्मियों एवं शहीद परिवारों ने पुष्प अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वातावरण भावुक एवं श्रद्धापूर्ण रहा। शहीदों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
जिले के 56 शहीद परिवारों को आमंत्रित कर किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में जशपुर जिले के कुल 56 शहीद परिवारों को आमंत्रित किया गया। जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित उपस्थित अधिकारियों ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें सम्मान प्रदान किया।
शहीद परिवारों से संवाद के दौरान अधिकारियों ने कहा कि पुलिस विभाग शहीदों के परिजनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को सदैव सर्वोपरि रखता है। जिन वीर पुलिसकर्मियों ने देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, उनके परिवारों का सम्मान एवं सहयोग करना हम सभी का दायित्व है, अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि वे स्वयं को कभी अकेला न समझें। किसी भी प्रकार की पारिवारिक, व्यक्तिगत अथवा आर्थिक समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं, ताकि समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक एवं सकारात्मक प्रयास किए जा सकें। इस संवाद का उद्देश्य शहीद परिवारों को यह विश्वास दिलाना था कि उनके बलिदानी परिजनों की स्मृति पुलिस विभाग के लिए सदैव सम्माननीय है तथा विभाग उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।
शहीद परिवारों के प्रति संवेदनशीलता एवं सहयोग का संदेश
पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके परिवारों के प्रति सम्मान, संवेदना और उत्तरदायित्व व्यक्त करने का भी दिन है। शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों ने अपने प्रियजनों को खोकर देश की सुरक्षा के लिए एक अपूरणीय क्षति सहन की है। इसी भावना के अनुरूप कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने परिजनों के साथ आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पुलिस विभाग उनके सम्मान, सहयोग और कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के पश्चात शहीद परिवारों के लिए पुलिस लाइन में भोजन की व्यवस्था की गई। इसके बाद परिजनों को सम्मानपूर्वक उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाया गया।

क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस ?
प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का संबंध 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में हुई उस घटना से है, जिसमें चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले का सामना करते हुए 10 वीर भारतीय पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद होने वाले सभी पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।
पुलिसकर्मी देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, नागरिकों की सुरक्षा तथा संकट की परिस्थितियों में आमजन की सहायता के लिए दिन-रात कार्य करते हैं। अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अनेक पुलिसकर्मी अपने जीवन तक का बलिदान दे देते हैं। पुलिस स्मृति दिवस हमें उनके इसी साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का स्मरण कराता है।
DIG एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा—शहीदों का बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा
उप महा निरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों ने देश की सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। उनकी शहादत हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने शहीद परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर पुलिस शहीदों के परिजनों के साथ सदैव खड़ी है। उनके सम्मान, सहयोग एवं समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर जशपुर पुलिस ने एक बार फिर राष्ट्र एवं समाज की सुरक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर शहीद पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने और कर्तव्यनिष्ठा के साथ जनसेवा करने का संकल्प व्यक्त किया।
