बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की अंतरराज्यीय साइबर ठग पर बड़ी कार्रवाई: झारखंड से गिरफ्तार किया गया शातिर आरोपी
एयरटेल पेमेंट बैंक अधिकारी बनकर खाते की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर की थी ₹59,037 की ऑनलाइन ठगी
साइबर सेल और थाना गिधौरी पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा झारखंड के देवघर स्थित निवास से आरोपी को किया गया गिरफ्तार
पुलिस टीम द्वारा आरोपी से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त
बलौदाबाजार-भाटापारा : पुलिस अधीक्षक गौरव राय के कुशल निर्देशन में बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों और ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के विरुद्ध लगातार कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना गिधौरी टुण्डरा पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और अंतरराज्यीय दबिश देते हुए बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने वाले एक शातिर साइबर आरोपी को उसके गृहग्राम झारखंड से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
घटना का संक्षिप्त विवरण:- प्रार्थी राजेश कुमार केवट (पिता स्व. कृपाराम केवट, उम्र 33 वर्ष, निवासी- ग्राम कोट, द्वारा थाना गिधौरी टुण्डरा में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 18.01.2026 की रात्रि करीब 09:30 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉलर ने खुद को एयरटेल फोन पे ऑफिस से होना बताकर उनके खाते की लिमिट ₹35,000 तक होने तथा उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का झांसा दिया। शातिर ठग ने प्रार्थी को बातों में उलझाकर धोखाधड़ी करते हुए उनके खाते से कुल ₹59,037 की राशि ऑनलाइन छलपूर्वक निकाल ली। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना गिधौरी टुण्डरा में अपराध क्र. 38/2026, धारा 318(4) बीएनएस एवं 66(घ) आईटी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
आरोपी द्वारा किस प्रकार की गई साइबर ठगी (तरीका-ए-वारदात):
1. फर्जी बैंक अधिकारी बनना :- आरोपी ने प्रार्थी को फोन कर खुद को एयरटेल फोन पे (Airtel PhonePe) ऑफिस का कर्मचारी या अधिकारी बताया, जिससे प्रार्थी उस पर भरोसा कर बैठे।
2. खाते की लिमिट का झांसा :- ठग ने प्रार्थी को यह कहकर विश्वास में लिया कि उनके बैंक खाते की लिमिट ₹35,000 तक है।
3. रकम ट्रांसफर करने का नाटक :- आरोपी ने झांसा दिया कि इस लिमिट की राशि को सुरक्षित रखने या सेट करने के लिए दूसरे खाते में ट्रांसफर करना पड़ेगा।
4. झांसे में लेकर ऑनलाइन फ्रॉड :- प्रार्थी को बातों में उलझाकर और तकनीकी प्रपंच रचकर आरोपी ने धोखे से उनके बैंक खाते से कुल ₹59,037 ऑनलाइन माध्यम से अपने नियंत्रण वाले खाते में ट्रांसफर करवाकर ठगी की इस वारदात को अंजाम दिया।
झारखंड से आरोपी की गिरफ्तारी और ट्रांजिट रिमांड:- विवेचना के दौरान पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पताशा जी किया गया। मामला अंतरराज्यीय होने पर पुलिस टीम ने झारखंड के लिए प्रस्थान किया और आरोपी प्रदीप कुमार यादव को उसके निवास के पते से घेराबंदी कर हिरासत में लिया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त रियलमी कंपनी का काला रंग का मोबाइल फोन (जिसमें ठगी में इस्तेमाल सिम कार्ड का आईएमईआई नंबर दर्ज है) गवाहों के समक्ष जब्त किया गया। देवघर, झारखंड के स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर पुलिस टीम आरोपी को सुरक्षापूर्वक हिरासत में लेकर थाना गिधौरी टुण्डरा वापस लाई है। पूछताछ पश्चात आरोपी को दिनांक 27.10.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस की अपील :- पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल पर अपने बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन या आधार नंबर साझा न करें। किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
आरोपी- प्रदीप कुमार यादव पिता अरूण यादव महतो, उम्र 23 वर्ष, निवासी- बांधा अगर, थाना कुण्डा, जिला देवघर, झारखंड)
