समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय मलेरिया विभाग के निर्देशानुसार वार्षिक परजीवी सूचकांक दर 5 से ऊपर वाले उप स्वास्थ्य केन्द्रों के आश्रित ग्रामों में डीडीटी का छिड़काव किया जाना है। जिले के 259 उप स्वास्थ्य केन्द्रों में से उपरोक्त मापदण्ड के अंतर्गत 74 उप स्वास्थ्य केंद्रो के 243 आश्रित ग्राम आते हैं। जहाँ डीडीटी का छिड़काव किया जाना था। इन गांवों में प्रथम चरण 15 अप्रैल से 30 जून का छिड़काव पूर्ण कर लिया गया है। द्वितीय चरण 01 जुलाई से 15 अगस्त तक के लिए आवश्यक डीडीटी की मांग 20 टन की मांग राज्य से की जा चुकी है, उपलब्ध होते ही दूसरे चरण का छिड़काव प्रारंभ कर दिया जाएगा। पूरे वर्ष को मलेरिया के प्रसार की दृष्टि से दो भागों में बांटा गया है, पहला नॉन ट्रान्समिशन जनवरी से जून माह में और दूसरा ट्रान्समिशन पीरियड जुलाई से दिसम्बर माह में। मलेरिया प्रसार जून माह से सामान्यतः बढ़ जाता है जो कि प्राकृतिक है।
जिले में पिछले छः माह में लगभग 9 लाख 50 हजार की जनसंख्या में केवल 63 मरीज पाये गये हैं, इस तरह जिले की वार्षिक परजीवी सूचकांक 0.06 है जबकि लक्ष्य अनुसार एपीआई दर 1 से नीचे होना चाहिए। इस तरह जिले में मलेरिया के प्रकरण सामान्य से बहुत कम हैं। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में डीडीटी का छिड़काव नगरपालिका के द्वारा किया जाता है। उन्होंने बताया की इस वर्ष जिले में माह जनवरी से मई के मध्य की एपीआई दर विगत पिछले पाँच सालों की एपीआई दरों से कम है।
