आज इस कोरोना वायरस ने ना जाने कितनो के अपनों को उनसे दूर कर दिया,कितनो के घरों के चिराग बुझा दिए, उन्हीं में से एक है शर्मिष्ठा जी जिनका विवाह विमल जी से 23 जून 1994 को हुआ था. सब कुछ बेहतर चल रहा था जीवन में पर अचानक हँसता खेलता परिवार उस वक्त बिखर गया जब कुछ दिन पहले ही अपने पति विमल बैद्य को कोरोना वायरस की वजह से खो दिया. पर कहते है ना जो अपने होते हैं वो भले ही शारीरिक रूप से साथ न रहे पर हमेशा दिल के करीब होते है. शर्मिष्ठा जी ने अपने पति की इच्छा के अनुसार 24 अगस्त को अपने पति को याद करते हुए तालापारा में एक रुपया मुहिम फ्री टयूशन क्लास के बच्चों के बीच केक काट कर उनका जन्म दिवस मनाया तथा उपहार स्वरूप बच्चों को स्टेशनरी का सामान कॉपी, पेंसिल, पेन, क्रेयन कलर,रबर के साथ चॉकलेट वितरित की ताकि जरूरतमंद बच्चें अपनी पढ़ाई पर हमेशा ध्यान दें. इस अवसर पर स्वर्गीय विमल जी की धर्मपत्नी के साथ उनका पुत्र इंद्रनील एवं उनकी बहन साधना गुप्ता भी उपस्थित रहे और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की.
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