धान खरीदी में अफसरशाही हावी,बारदाना लाने का नया फरमान किसानों के लिए नुकसानदेह – बजाज

समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो.    

रायपुर. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अशोक बाजार ने धान खरीदी के लिए 25% बारदाना किसानों से लाने की अनिवार्यता संबंधी आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है । उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार देर से धान खरीद रही है दूसरी तरफ नित नए जटिल नियम निकालकर किसानों को हलाकान करने में लगी है। उन्होंने कहा कि नया नियम लागू होने से खाली बारदाने के लिए किसानों को बाजार में भटकना पड़ेगा , यदि बाजार में खाली बारदाना उपलब्ध है तो सरकार ही क्यों ना बाजार से खाली बारदाना खरीद लेती। श्री बजाज ने कहा कि बाजार में खाली बारदाने का मूल्य 40 से 42 रुपये प्रति नग है जबकि नए नियम के मुताबिक सरकार किसानों को प्रति बारदाना मात्र 18 रु रिफंड करेगी यानी प्रति नग 24 रु का नुकसान होगा। श्री बजाज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पूरी तरह अफसरशाही हावी है तथा भूपेश सरकार अफसरों के इशारे पर चल रही है। उन्होंने कहा कि मौसम की बेरुखी से किसान वैसे भी परेशान है। धान की कटाई, दुलाई एवं मिंजाई कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बचे खुचे धान का जतन करना किसानों के लिए कठिन हो गया है ऊपर से सरकार ने नए फरमान जारी कर किसानों को समस्या में डाल दिया है। श्री बजाज ने टोकन के लिए आज बालोद जिले में हुई भगदड़ के लिए शासन को जिम्मेदार ठहराया है उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने तुगलकी निर्णय वापस नहीं लिया तो इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति होती रहेगी।

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