घर की चारदीवारी से निकलकर बनीं सफल बिजनेसवुमन! सरिता बाई की ईंटों से लिखी सफलता की गाथा, कहा- समूह से जुड़ने के बाद जीवन में आया परिवर्तन

पीएम मुद्रा लोन लेकर बना रही ईंट, विक्रय से हो रहा सालाना दो लाख रूपए तक का मुनाफा जशपुर, 1 जून 2025/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान‘‘ अंतर्गत जिले के महिलाओं की समूह बना कर स्व सहायता समूह के रूप में विकसित किया गया है। जिले के महिलाएं इन समूहों में जुड़कर आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं। कई महिलाएं बिहान अंतर्गत् प्रशिक्षण प्राप्त कर लखपति दीदी बन चुकी हैं। समूह के गठन से महिलाओं का सतत् विकास जिले के प्रत्येक विकासखण्ड में देखने को…

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एक टोकरी ने बदल दी 100 घरों की किस्मत : जशपुर की लखपति दीदियों की कहानी कर देगी हैरान, छोटे से गांव की महिलाएं बनीं नेशनल ब्रांड ‘जशप्योर’ की पहचान, लाखों की कमाई से हर कोई हैरान….पढ़ें पूरी ख़बर.

स्व सहायता समूह की 100 महिलाएं छिंद और कांसा से बना रही है सुन्दर और आकर्षक टोकरी. जिले और अन्य राज्यों के कोने-कोने से हमेशा बनी रहती है मांग, टोकरी बनाकर बन रहीं हैं लखपति दीदियाँ, छींद कांसा जशपुर की एक खास धरोहर जशपुर. 31 मई 2025 : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के एक छोटे से आदिवासी गांव कोटानपानी की महिलाओं ने अपनी मेहनत, धैर्य और परंपरागत ज्ञान से एक नई मिसाल कायम की है। स्व सहायता समूहों से जुड़ कर महिलाओं ने छिंद और कांसा जैसी स्थानीय प्राकृतिक सामग्री…

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छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली दीदियों का हुआ सम्मान

चार लाख से अधिक दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य-केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान रायपुर, 13 मई 2025/ अम्बिकापुर में ‘‘मोर आवास मोर अधिकार’’ कार्यक्रम के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली स्व-सहायता समूहों की दीदियों को सम्मानित किया गया। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सरगुजा जिले के विकासखण्ड लखनपुर की ग्राम…

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छत्तीसगढ़ की संस्कृति, स्वाद और स्वावलंबन की सोंधी महक से सजी जशप्योर ब्रांड के उत्पादों की केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की सराहना

रायपुर 13 मई 2025/ केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वावलंबन की भावना से ओतप्रोत “जशप्योर” ब्रांड के उत्पादों की सराहना की।  केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने “जशप्योर” के उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘जशप्योर’ न केवल एक ब्रांड है, यह छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है। उल्लेखनीय है…

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संघर्ष से सफलता तक : सरिता बाई ने मिट्टी के ईंट बनाकर लिखी अपनी सफलता की कहानी

जशपुर, 12 मई 2025/ गाँव की पगडंडियों पर नंगे पाँव चलने वाली श्रीमती सरिता बाई नगेशिया का जीवन कभी आसान नहीं था। कभी मजदूरी कर दो वक्त की रोटी जुटाने वाली यह महिला आज न सिर्फ़ आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने पूरे परिवार की तक़दीर बदलने में सफल हुई हैं। मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत चेड़िया की रहने वाली सरिता बाई की जिंदगी भी आम ग्रामीण महिलाओं की तरह कठिनाइयों से भरी थी। रोज़ सुबह मजदूरी पर जाना, मुश्किल से घर का गुज़ारा चलाना और बच्चों की पढ़ाई का सपना…

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‘पैसों की समझ, सफलता की राह’ – जशपुर में महिलाओं ने सीखा हुनर और आत्मविश्वास का पाठ : राईपाठ गांव में हुआ वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम

जशपुर, 3 मई 2025 : जिला मुख्यालय जशपुर से 5 किलोमीटर दूर देवीडड़गांव पंचायत के ग्राम राईपाठ में यूनिसेफ एवं एनएसएस बगीचा के संयुक्त तत्वाधान में ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय साक्षरता विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में एनआरएलएम समूह के साथ-साथ अन्य ग्रामीण महिलाओं ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ राजीव रंजन तिग्गा ने कार्यक्रम का संचालन किया, डॉ तिग्गा ने ग्राम पंचायत की तीन स्व सहायता समूह को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तकी जीवन में एक अहम भूमिका है, आज…

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बीसी सखी तारा बाई की प्रेरक सफलता : हर महीने 50 लाख से अधिक का लेन-देन कर रही आत्मनिर्भर महिला, चिड़ोरा की महिला का कमाल, बीसी सखी बनी गांव की अर्थव्यवस्था की रीढ़, बैंकिंग सेवा पहुँच रही घर-घर.

बीसी सखी का कार्य शुरू कर ग्रामीणों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुँचाकर बनी सच्ची सखी.  चिड़ोरा की ‘तारा बाई’ स्व सहायता समूह से बनी आत्मनिर्भर, प्रतिमाह 50-60 लाख का लेन-देन कर 8 से 9 हजार तक कर रही कमाई. जशपुर. 02 मई 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप स्व सहायता समूह में महिलाओं को जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। जिले की महिलाओं को ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत् समूह के रूप में विकसित करके रोजगामूलक कार्य के लिए विभिन्न प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाएं…

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प्लास्टिक बेलिंग से लेकर चप्पल निर्माण तक! दुलदुला की महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, कलेक्टर ने दिए खास निर्देश

जशपुर, 1 मई 2025/ कलेक्टर रोहित व्यास ने बुधवार को दुलदुला ग्राम पंचायत में प्रिया स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक बेलिग मशीन के माध्यम से प्लास्टिक का एकत्रीकरण करके डिस्पोज किया जा रहा है। इन गतिविधियां की जानकारी ली। इस अवसर पर कुनकुरी एसडीएम नन्द जी पांडे तहसीलदार राहुल कौशीक और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। कलेक्टर ने प्रिया स्व सहायता समूह की महिलाओं को अन्य आजीविका मूलक गतिविधियों में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। ताकि वे आर्थिक रूप से सक्षम हो सके स्व सहायता समूह की महिलाओं…

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आजीविका संवर्धन की उड़ान : जशपुर की महिलाएं हुनर से गढ़ रहीं सुनहरा भविष्य, जशपुर में बांस-लकड़ी के उत्पादों से महिलाओं ने बदली अपनी किस्मत, अब बन रही आत्मनिर्भरता की मिसाल.

स्व सहायता समूह की महिलाओं को बनाया जा रहा आत्मनिर्भर जशपुर. 26 अप्रैल 2025 : जशपुर जिले में स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। आजीविका संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत बांस, लकड़ी, छींद कांसा और हैण्डलूम उत्पादों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में कारीगरों के संगठन और उत्पादों के बेहतर विपणन पर भी जोर दिया गया। अजीविका संवर्धन…

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घट रहा भूगर्भ जल स्तर, संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रिसाइकलिंग पर ध्यान देना जरूरी : जशपुर में जल बचाने महिलाओं ने सम्हाली कमान

जशपुर, 10 अप्रैल 2025/ पानी की कमी आज पूरे विश्व के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। भारत भी इसकी चपेट में है। विशाल जनसंख्या के लिए हर रोज स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना बड़ी समस्या भी है। पानी की कमी का असर खाद्य सुरक्षा और कृषि उत्पादकता पर भी पड़ रहा है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों की मानें तो हर व्यक्ति को अपने रोजमर्रा के लिए करीब 25 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। भारत के कई इलाकों में लोगों को अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए विभिन्न कठिनाइयों…

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