धान से धन की ओर—किसान बाबूलाल देवांगन की मेहनत पर लगी 3100 रुपये क्विंटल की सरकारी मुहर, परिवार में छाया उत्सव

सफलता की कहानी : मेहनत की फसल, सम्मान की कीमत धान से धन तक: बाबूलाल की मेहनत पर सरकार की मुहर रायपुर : छत्तीसगढ़ में किसानों की मेहनत अब उपार्जन केंद्रों में खुशियों के रूप में नजर आ रही है। खेतों में छह माह तक की अथक साधना, बीज से लेकर बालियों तक का सफर, आज अपने अनमोल मूल्य के रूप में किसानों को लौट रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान का क्रय 3100 रुपए प्रति क्विंटल के…

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जशपुर में खेती का बदलता चेहरा — किसान सायो की मिर्च की फसल बनी ‘ग्रीन गोल्ड’, जानिए सफलता की कहानी

जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कृषि के साथ अन्य फसलों को लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के द्वारा जिले के किसानों को साग सब्जी की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ताकि उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो सके। जिला प्रशासन के अंतर्गत उद्यान विभाग के द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीक से खेती करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले के किसानों को…

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राष्ट्रीय बागवानी मिशन बना किसानों की तरक्की का आधार, जशपुर के सुनील भगत ने टमाटर की खेती से कमाए 55 हजार से अधिक मुनाफा

उन्नत तकनीक और सरकारी योजना का संगम: जशपुर के किसान सुनील भगत की टमाटर खेती बनी सफलता की मिसाल जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को उन्नत खेती की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही किसानों को केन्द्र और राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा है ताकि किसान आर्थिक रूप से मजबूत बन सके इसी कड़ी में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना का लाभ लेकर मनोरा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत टेम्पू के किसान श्री सुनील भगत द्वारा टमाटर की खेती की…

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मनरेगा की डबरी बनी वरदान, किसान दुलार सिंह बने आत्मनिर्भर, जल संरक्षण से खुला समृद्धि का रास्ता

रायपुर, 7 अक्टूबर 2025/ जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम पंचायत जाटा के बहेराडीह के दुलार सिंह खेत में एक डबरी बनाने से ही खेती और पशुपालन में होने वाली बढ़ौत्तरी का सजीव उदाहरण बन गए हैं। दुलार सिंह ने यह डबरी भी मनरेगा योजना के माध्यम से बनवाई है। ग्रामीण जीवन का आधार सदैव कृषि और पशुपालन रहा है, परंतु इन दोनों ही कार्यों की आत्मा जल है । यदि जल की व्यवस्था सुदृढ़ हो जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वयं सशक्त हो जाती है। इसी सोच को श्री दुलार सिंह ने…

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