समदर्शी न्यूज़ – रायपुर रायपुर/बालोद : ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अंतर्गत जिला बालोद के संकरा ग्राम पंचायत में दिनांक 16 दिसंबर 23 को ड्रोन द्वारा नैनो डीएपी का छिड़काव किसान के खेत में किया गया तथा इस नई ड्रोन टेक्नोलॉजी के बारे में ग्रामीणों को विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारीगण, कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारीगण, इफको कम्पनी के अधिकारी एवं डेमोंस्ट्रेशन हेतु ड्रोन उपलब्ध कराने वाली भारत सरकार की कंपनी एन.एफ.एल. से श्री एस. के. भगत, प्रभारी क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर एवं जिला प्रभारी…
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उद्यानिकी फसल मिर्च के उत्पादन क्षेत्र में मिर्च प्रसंस्करण इकाई की हुई स्थापना, मिर्च प्रोसेसिंग युनिट के स्थापित होने से कृषकों को हो रही अतिरिक्त आमदनी.
2200 हेक्टेयर में 3600 कृषकों द्वारा किया जा रहा उत्पादन, हो रहा 19470 टन का उत्पादन कृषकों द्वारा स्थानीय बाजार में आपूर्ति के साथ ही राज्य के बाहर मण्डियों में विक्रय कर प्राप्त कर रहे हैं आर्थिक लाभ समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर जशपुरनगर : जिले में स्थापना वर्ष के समय से राज्य बागवानी मिशन योजनान्तर्गत एवं वर्ष 2005-06 से केन्द्र प्रवर्तित राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना घटक मिर्च का रकबा 2200 हेक्टेयर में लगभग 3600 कृषकों द्वारा उत्पादन कार्य किया जा रहा है। जिसमें 19470 टन का उत्पादन हो रहा है।…
Read Moreकोण्डागांव क्षेत्र में जैविक पद्धति से हो रही सुगंधित धान की खेती, कृषि भूमि से अधिकतम लाभ हासिल करने लगे किसान
समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव इलाके में बड़े पैमाने पर किसान जैविक पद्धति से धान की खेती के साथ-साथ फल एवं सब्जी का भी उत्पादन करने लगे हैं। जैविक तरीके से उत्पादन धान का बेहतर मूल्य मिलने की वजह से साल दर साल इसकी खेती का रकबा बढ़ते जा रहा है। जैविक धान को बेचने के लिए किसानों को मंडी और बाजार में जाने की जरूरत भी नहीं होती है। बाहर की आर्गेनिक कंपनियों के प्रतिनिधि किसानों से सीधे जैविक धान को नगद में खरीद लते हैं। कोण्डागांव…
Read More72 किसान परिवारों को चाय की खेती से मिला रोजगार : चाय विशेषज्ञ किसानों को दे रहे हैं तकनीकी मार्गदर्शन.
किसानों की लगभग 95 एकड़ निजी भूमि में लगाये जा रहे हैं 3 लाख 58 हजार 500 चाय के पौधे समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर रायपुर : प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण जशपुर जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां की जलवायु, मिट्टी चाय और काफी की खेती के लिए बहुत उपयुक्त है। जिला प्रशासन, स्थानीय किसानों को चाय-काफी के साथ ही साथ फल-फूल, मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। अब जिले के किसान धान की खेती के अतिरिक्त मसालों और मौसम के अनुकूल फसल लेने लगे…
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