बस्तर में शांति की ओर बड़ा कदम : नक्सल मोर्चे पर ऐतिहासिक सफलता ! 28 माओवादी कैडरों ने छोड़ी बंदूक, अपनाया ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ का रास्ता, 89 लाख के इनामी माओवादी भी शांति की राह पर—बस्तर में 512 से अधिक कैडर 50 दिनों में सरेंडर.

“पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति, बढ़ते विश्वास और व्यापक परिवर्तन का आधार बनती जा रही है। नारायणपुर : नारायणपुर जिले में “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल को बड़ी सफलता मिली है, जहाँ 28 माओवादी कैडरों—जिनमें ₹89 लाख के इनामी 19 महिला माओवादी भी शामिल हैं—ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह उपलब्धि बस्तर पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई है, जो क्षेत्र में स्थायी शांति, विश्वास और विकास का…

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‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’: दण्डकारण्य के 210 माओवादी कैडर लौटे समाज की मुख्यधारा में

रायपुर : राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और शांति, संवाद एवं विकास पर केंद्रित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग में आज नक्सल विरोधी मुहिम को ऐतिहासिक सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ कार्यक्रम के अंतर्गत दण्डकारण्य क्षेत्र के 210 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। यह आत्मसमर्पण विश्वास, सुरक्षा और विकास की दिशा में बस्तर की नई सुबह का संकेत है। लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में…

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