‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’: दण्डकारण्य के 210 माओवादी कैडर लौटे समाज की मुख्यधारा में

रायपुर : राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और शांति, संवाद एवं विकास पर केंद्रित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग में आज नक्सल विरोधी मुहिम को ऐतिहासिक सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ कार्यक्रम के अंतर्गत दण्डकारण्य क्षेत्र के 210 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। यह आत्मसमर्पण विश्वास, सुरक्षा और विकास की दिशा में बस्तर की नई सुबह का संकेत है। लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में…

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दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाने, पिता बनकर परिवार के साथ जीने और नक्सलियों के करतुतों को उजागर करने के लिये अब नक्सली कर रहे हैं आत्मसमर्पण : सुरक्षा बलों के लगातार प्रयासों के फलस्वरूप कुल 33 लाख ईनामी 8 माओवादी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

माओवादियों के बड़े लीडर डीवीसीएम, पीपीसीएम, एसीएम, पार्टी सदस्य एवं जनताना सरकार अध्यक्ष सहित 04 पुरूष 04 महिला माओवादियों ने समाज की मुख्य धारा में जुड़ने की ली शपथ। वर्ष 2025 में कुल 140 बड़े/छोटे कैडर के माओवादियों ने किये आत्मसमर्पण। आत्मसमर्पित माओवादियों को प्रोत्साहन राशि 50 हजार का चेक किया गया प्रदाय और उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाया जायेगा। सरेण्डर नक्सलियों ने इंट्रोगेशन में किया खुलासा – नक्सलवाद के अमानवीय कृत्यों की दर्दनाक कहानी। महिला नक्सली का सपना है – बेटी…

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