पाशविकता पर कानून का करारा प्रहार : “मासूमियत को रौंदने की सजा – उम्रभर की कैद”, दो वर्षीय बालिका से अनाचार करने वाले को आजीवन कारावास की सजा.

माननीय विशेष न्यायालय (एफटीसी कोर्ट) द्वारा दी गई सजा,आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत की गई थी कार्रवाही थाना प्रभारी जांजगीर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी द्वारा त्वरित कार्रवाई कर किया गया था अभियोग-पत्र पेश. आरोपी के विरुद्ध थाना जांजगीर में अपराध क्रमांक 802/2024 धारा 65 (2) बीएनएस (BNS) एवं 06 पास्को एक्ट के तहत अपराध किया गया था पंजीबद्ध. जांजगीर-चांपा. 24 जून 2025 : न्यायिक प्रणाली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मासूमों के साथ दरिंदगी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वर्ष 2024 में…

Read More