समर्थन मूल्य में बढोत्तरी ने गजल यादव को बनाया सफल ‘टेक्नो-फार्मर’ रायपुर : दुर्ग जिले के ग्राम बोरई से आने वाले किसान-इंजीनियर श्री गजल यादव की कहानी आज कई युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा बन गयी है। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बावजूद, गजल ने कॉर्पाेरेट करियर छोड़कर अपने पैतृक व्यवसाय कृषि को चुना। उन्होंने पारंपरिक कृषि में इंजीनियरिंग के सिद्धांतों को मिलाकर ’टेक्नो-फार्मिंग’ का सफल प्रयोग किया। गजल बताते हैं कि मेरी पढ़ाई ने खेती को एक वैज्ञानिक नज़रिया दिया। इंजीनियरिंग ने मैने डेटा एनालिटिक्स सीखा, जिसका…
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