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  • किसानों की जरूरत के हिसाब से समितियों में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें – मुख्य सचिव श्री जैन

    सहकारी समितियों में खाद-बीजों की उपलब्धता की प्रतिदिन मानीटरिंग के निर्देश

    उर्वरकों के मांग-उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा

    समवर्ती न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने खरीफ मौसम में किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि खाद-बीज की उपलब्धता की समितिवार नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। श्री जैन आज खरीफ वर्ष 2022-23 के लिए प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों की मांग, उपलब्धता व वितरण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।

    मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में श्री जैन ने अधिकारियों से कहा है कि धान की फसल के उत्पादन के लिए चरणबद्ध तरीके से जरूरी उर्वरकों की उपलब्धता समिति स्तर पर हो। रोपा लगाने के समय, पौधे की वृद्धि के समय, बीज अंकुरन के दौरान जिन-जिन उर्वरकों की जरूरत होती है, उसकी उपलब्धता उसी समय के अनुसार प्रत्येक समिति में होना चाहिए। इसके लिए समितिवार तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी रासायनिक खाद की कमी के कारण फसल उत्पादन प्रभावित ना हो इसके लिए उसके विकल्प के रूप में अन्य खाद भी पर्याप्त मात्रा में सोसायटी में उपलब्ध हो।

    मुख्य सचिव ने समितिवार खाद की आवश्यकता एवं उपलब्धता के लिए कृषि विभाग मार्कफेड और अपेक्स बैंक को नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खरीफ वर्ष 2022-23 के दौरान फसल परिवर्तन करने वाले किसानों की विशेष रूप से सहायता की जाए। इस वर्ष धान की फसल के बजाए दलहन या अन्य फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों को गुणवत्ता युक्त बीजों के साथ ही अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने विशेष प्रयास किया जाए, जिससे फसलोत्पादन में वृद्धि हो और अन्य किसानों को भी फसल परिवर्तन के लिए प्रेरणा मिल सके।

    मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि इस वर्ष नैनों उर्वरक की आपूर्ति केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को नैनों उर्वरक का राज्य की जलवायु के अनुसार फसल उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी के लिए प्रत्येक सहकारी समिति स्तर पर एक किसान का चिन्हांकन करने और निश्चित रकबे पर इसका प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ सीजन में यूरिया, डी.ए.पी. सहित अन्य उर्वरकों की करीब 8.93 लाख मीटरिक टन मांग के विरूद्ध करीब 6.31 लाख मीटरिक टन से ज्यादा उर्वरकों की सप्लाई हुई है। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन में उर्वरकों की कुल मांग के विरूद्ध अब तक 70 प्रतिशत उर्वरकों की उपलब्धता की जा चुकी है।

    मुख्य सचिव ने राज्य के गोठानों में कुक्कुट पालन और डेयरी संचालन के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के चिन्हित गौठानों में कुक्कुट पालन और दुग्ध उत्पादन को समूहों के आय उत्पादक गतिविधियों में शामिल किया जाएगा, इसके लिए अच्छी नस्ल के दुधारू पशु चिन्हित स्व-सहायता समूहों को विभागीय योजना और बैंक के सहयोग से उपलब्ध करायें जाएगें। जिन गोठानों में चारा और पानी की पर्याप्त उपलब्धता हो, ऐसे गोठानों का चयन डेयरी संचालन के लिए किया जाएगा। बैठक में कृषि विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक कृषि यशवंत कुमार, मार्कफेड की प्रबंध संचालक श्रीमती किरण कौशल, पशुपालन विभाग की संचालक श्रीमती चंदन त्रिपाठी सहित सहकारी, कृषि, पशुपालन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

  • बड़ी ख़बर : मोटवानी सोनोग्राफी सेंटर में वेबसाइट द्वारा आनलाईन बुकिंग सुविधा हुई प्रारंभ

    बड़ी ख़बर : मोटवानी सोनोग्राफी सेंटर में वेबसाइट द्वारा आनलाईन बुकिंग सुविधा हुई प्रारंभ

    ऑनलाइन बुकिंग कर सोनोग्राफी सेंटर पर घण्टों की प्रतीक्षा से बच सकते हैं

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, बिलासपुर

    मरीजों और परिजनों के समय की बचत एवं उत्तम सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मोटवानी सोनोग्राफी सेंटर बिलासपुर द्वारा वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रारंभ की गई है। बार -बार आने जाने या घंटों बैठकर नंबर का इंतजार करने जैसी असुविधा से बचने हेतु इनकी वेबसाइट http://motwanisonography.com के माध्यम से आनलाईन बुकिंग की जा सकती है।

    संस्थान के संचालक डा. मोटवानी ने बताया कि सेवा का लाभ लेने के इच्छुक व्यक्ति इस वेबसाइट पर जा कर अपनी सुविधा के अनुसार सोनोग्राफी कराने हेतु समय का चयन कर सुबह 9:30 बजे से शाम 7:30 के बीच बुकिंग कर सकते हैं और सोनोग्राफी सेंटर पर घण्टों की प्रतीक्षा से बच सकते हैं। सोनोग्राफी के क्षेत्र में यह सुविधा छत्तीसगढ़ में अपने प्रकार की पहली और प्रायोगिक है, इसलिए कृपया इसकी सूचना जरूरतमंदों और अपने परिचितों के साथ अधिक से अधिक साझा करें । असुविधा होने पर टेलीफोन नंबर 07752417929 पर या मोबाइल नंबर 9827482220 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

  • मुख्यमंत्री ने एनीमिया मोबाइल टेस्टिंग यूनिट को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, बच्चों को ‘विफ्स’ भी प्रदान किया

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर/रायपुर

    लोगों से भेंट-मुलाकात के लिए जशपुर जिले के बगीचा पहुंचे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज एनीमिया मोबाइल टेस्टिंग यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मोबाइल टेस्टिंग यूनिट लोगों के बीच जाकर एनीमिया की जांच करेगी और खून की कमी वाले व्यक्तियों को दवाई देगी। मोबाइल यूनिट के माध्यम से लोगों को एनीमिया के प्रति जागरूक कर इसके दुष्प्रभावों और इससे बचने के उपायों के बारे में भी बताया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने एनीमिया मोबाइल टेस्टिंग यूनिट को हरी झंडी दिखाने के बाद स्कूली बच्चों और गर्भवती महिला को एनीमिया से बचाव के लिए थेरेपेटिक डोज का वितरण किया। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली बच्चों को थेरेपेटिक डोज (WIFAS – Weekly Iron Folic Acid Suppliment) दिया जाता है। प्राथमिक शाला के बच्चों को दो माह का और पूर्व माध्यमिक शाला के बच्चों को तीन माह की खुराक दी जाती है। गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को भी इसकी छह महीने की खुराक दी जाती है।

  • कोविड टीकाकरण महाअभियान : छूट गए लोगों का 27 जून को होगा वैक्सीनेशन, बनाए गए 457 वैक्सीनेशन सेंटर

    कलेक्टर श्रीमती साहू ने 12 वर्ष से अधिक उम्र के सभी छूटे हुए लोगों से टीकाकरण केंद्र पहुंच कर टीका लगवाने की अपील की

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, कोरबा

    कलेक्टर श्रीमती रानू साहू के निर्देशानुसार जिले में कोविड  टीका लगवाने से अब तक छूटे हुए लोगों के टीकाकरण के लिए 27 जून को वैक्सीनेशन महाअभियान चलाया जाएगा। जिला प्रशासन ने एक दिन में अधिक से अधिक लोगों को कोविड का टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। इस दिन टीकाकरण से छुटे हुए 12 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को आवश्यकतानुसार कोविड का पहला, दूसरा और बूस्टर टीका लगाया जाएगा।

    महाअभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी तैयारियां लगभग पूरी की जा चुकी है। सभी विकासखंडों और शहरी क्षेत्रों में कुल 457 टीकाकरण केन्द्र बनाए गए है। इन टीकाकरण केन्द्रों में 457 वैक्सीनेटर लोगों को कोविड का टीका लगाएंगे। जिले में अभी तक दो लाख 31 हजार 923 लोग कोविड का दूसरा टीका लगाने से छूटे हुए है। साथ ही एक लाख 49 हजार 254 लोग बूस्टर डोज लगाने से छूटे हुए है। टीकाकरण महाभियान के लिए एक लाख 52 हजार 360 वैक्सीन की डोज उपलब्ध है। वैक्सीनेशन महाअभियान के दिन सभी छूटे हुए लोगों को टीका लगाया जाएगा।

    कलेक्टर श्रीमती साहू की अपील, 12 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोग लगवाए कोविड टीका

    कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए टीका लगाने से छूटे हुए लोगो से कोविड वैक्सिनेशन महाभियान में शामिल होकर टीका लगवाने की अपील की है। कलेक्टर श्रीमती साहू ने कहा कि कोविड वायरस के संक्रमण से खुद को बचाने और अन्य लोगों में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कोरोना वैक्सीन अवश्य लगवाना चाहिए। उन्होंने 12 वर्ष से  अधिक उम्र के छूटे हुए सभी किशोरों, युवाओं और बुजुर्गों से कोरोना वैक्सीन लगवाने की अपील की है। कलेक्टर ने कोरोना वैक्सीन से संबंधित किसी भी भ्रामक बातों पर ध्यान न देने का भी आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि वैक्सीनेशन के लिए जिला प्रशासन द्वारा पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। पात्र लोग नजदीकी टीकाकरण केन्द्र में जाकर टीका लगवा सकते हैं। वैक्सीन पूर्णतः सुरक्षित है, इसलिए बिना डर-भय के टीका लगवाएं, साथ ही साथ टीकाकरण के पश्चात भी कोरोना से बचाव उपायों को जरूर अपनाएं।

    महाअभियान के लिए बनाए गए है 457 वैक्सीनेशन सेंटर

    शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए 27 जून को टीकाकरण महाअभियान के लिए जिले में 457 टीकाकरण केंद्र बनाए गए है। करतला विकासखंड में 60 केंद्रों में 60 वैक्सीनेटर लोगों को कोरोना का टीका लगाएंगे। कटघोरा विकासखंड में 83 केंद्रों पर 83 वैक्सीनेटर, कोरबा विकासखंड में 78 केंद्रों पर 78 वैक्सीनेटर, पाली विकासखंड में 90 केंद्रों पर 90 वैक्सीनेटर, पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड में 56 केंद्रों पर 56 वैक्सीनेटरों को टीकाकरण के काम में लगाया गया है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में 90 केंद्र बनाए गए है, जहां 90 वैक्सीनेटर टीकाकरण की जिम्मेदारी निभाएंगे।

  • मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना : पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन को बढ़ावा देने की दिशा में सिद्ध होगी मील का पत्थर, पौधे धीरे-धीरे ले रहे हैं आकार, साल भर पौधों को सुरक्षित रखते हुए की गई देखभाल

    मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 92.90 एकड़ में जिले के सभी 9 विकासखंड के 11 ग्राम पंचायतों में सघन पौधरोपण करते हुए 18 हजार 42 पौधे लगाए गए

    फलदार वृक्षों से सजेगी खुबसूरत बगिया खुशनुमा बगिया में आम, अमरूद, मुनगा, जामुन, काजू, कटहल, महुआ, नारियल, सीताफल, नींबू, आंवला, कदम और पपीता के पौधे लगाए गए

    इस वर्ष जिले के 9 ग्राम पंचायतों के 108 एकड़ में 20 हजार 450 पौधे रोपित करने का रखा गया है  लक्ष्य

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, राजनांदगांव

    मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष  92.90 एकड़ में जिले के सभी 9 विकासखंड के 11 ग्राम पंचायतों में सघन पौधरोपण करते हुए 18 हजार 42 पौधे लगाए गए हैं। अब यही पौधे धीरे- धीरे आकार ले रहे हैं, साल भर पौधों को सुरक्षित रखते हुए देखभाल की गई हैं। पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना मील का पत्थर सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप हरी भरी धरती की संकल्पना साकार हो रही है।

    इन खुशनुमा फलोद्यान एवं बगिया में आम, अमरूद, मुनगा, जामुन, काजू, कटहल, महुआ, नारियल, सीताफल, नींबू, आंवला, कदम और पपीता के पौधे लगाए गए हैं। वहीं छायादार पीपल, बरगद, नीम जैसे पौधे भी लगाए गए हैं। जब फलदार वृक्षों से सजी यह खुबसूरत बगिया फलेगी तब इसके सुखद परिणाम मिलेंगे। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर के निर्देशन में विगत वर्ष सघन पौधरोपण किया गया। ग्राम पंचायतों में समूह की महिलाओं को पौधों के देख-रेख की जिम्मेदारी दी गई है। जिससे समूह की महिलाओं को आमदनी होगी और पक्षियों को आशियाना मिलेगा।

    जिले में अम्बागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम पंचायत सोनसायटोला के 5.40 एकड़ में 864 पौधे, छुईखदान विकासखंड के ग्राम पंचायत खुटेलीकला के 6 एकड़ में 960 पौधे, छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत भर्रीटोला ब गण्डरदही के 10 एकड़ में 1600 पौधे, डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत रातापायली के 10 एकड़ में 1641 पौधे, डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत एलबी नगर के 6 एकड़ में 1200 पौधे, खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत बलदेवपुर के 10 एकड़ में 2000 पौधे, मानपुर विकासख्ंड के ग्राम पंचायत औंधी के 10 एकड़ में 1108 पौधे, मोहला विकासख्ंड के ग्राम पंचायत घावडेटोला के 18.50 एकड़ में 1500 पौधे, राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत इंदावानी, अंजोरा के 17 एकड़ में 7169 पौधे लगाए गए है।

    वहीं इस वर्ष जिले के 9 ग्राम पंचायतों में 108 एकड़ में 20 हजार 450 पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिसके अंतर्गत अम्बागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम पंचायत पीपरखार के 7 एकड़ में 2050 पौधे, छुईखदान विकासखंड के ग्राम पंचायत कोसमर्रा के 10 एकड़ में 2000 पौधे, छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत मेटेपार के 20 एकड़ में 4000 पौधे, डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत पेंडरवानी के 10 एकड़ में 2000 पौधे, खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत मण्डला के 10 एकड़ में 2000 पौधे, मोहला विकासखंड के ग्राम पंचायत कुल्हारदोह 23 एकड़ में 4000 पौधे एवं राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत बोर्डरडीह, मोखला, बघेरा के 28 एकड़ में 4400 पौधे लगाने का लक्ष्य है।

  • सरकार तुंहर द्वार शिविर में दिव्यांग खुशी को मिली खुशियां, कलेक्टर श्रीमती साहू ने तत्काल स्वीकृत कराई दिव्यांगता पेंशन

    पेंशन स्वीकृति के लिए खुशी के माता-पिता ने कलेक्टर श्रीमती साहू के प्रति जताया आभार

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, कोरबा

    नोनबिर्रा में आयोजित सरकार तुंहर द्वार शिविर दिव्यांग बालिका खुशी के जीवन में खुशियां लेकर आया। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू के निर्देश पर शिविर स्थल में ही बालिका खुशी की दिव्यांगता पेंशन स्वीकृत हो गई। पेंशन स्वीकृत हो जाने से अब खुशी को प्रतिमाह 350 रुपए दिव्यांगता पेंशन के रूप में मिलेगी। पेंशन मिलने से खुशी के माता-पिता को दिव्यांग खुशी के इलाज और पढ़ाई लिखाई में मदद मिलेगी।

    दरअसल नोनबिर्रा के रहने वाले यमुना लाल श्रीवास की 10 वर्षीय पुत्री खुशी श्रीवास शारीरिक और मानसिक रूप से दिव्यांग है। कक्षा चौथी में पढ़ने वाली खुशी का दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बन चुका है। खुशी को पेंशन मिलना अभी तक शुरू नहीं हो पाया था। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण बच्ची के इलाज और पढ़ाई लिखाई में दिक्कत हो रही थी। नोनबिर्रा में आयोजित होने वाले शिविर की जानकारी होने पर खुशी के माता-पिता ने कलेक्टर श्रीमती साहू के समक्ष खुशी के दिव्यांगता पेंशन के लिए आवेदन किया। कलेक्टर श्रीमती साहू ने आवेदन पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को खुशी का दिव्यांगता पेंशन स्वीकृत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश उपरांत खुशी का दिव्यांगता पेंशन स्वीकृत किया गया। खुशी को सामाजिक सहायता पेंशन कार्यक्रम अंतर्गत अब 350/- रुपए प्रति माह पेंशन मिलेगी। पेंशन स्वीकृत हो जाने पर खुशी के माता-पिता ने कलेक्टर श्रीमती साहू के प्रति आभार जताया है।

  • कलेक्टर की संवेदनशीलता : न्यूरो संबंधी बीमारी से जूझ रहे बच्चे के इलाज के लिए स्वीकृत की एक लाख रुपए की राशि

    बेहतर इलाज के लिए आगे भी सहयोग करेगा जिला प्रशासन

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, कोरबा

    कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने एक बार फिर संवेदनशीलता प्रदर्शित करते हुए न्यूरो संबंधी बीमारी से जूझ रहे बच्चे के इलाज के लिए तात्कालिक सहायता प्रदान की है। कलेक्टर ने विकासखंड पोंडी उपरोड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोनकोना के आश्रित ग्राम धौरामुडा निवासी नौ वर्षीय बालक बादल के इलाज के लिए डीएमएफ मद से एक लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। साथ ही बच्चे के बेहतर इलाज के लिए जिला प्रशासन द्वारा आगे भी सहयोग प्रदान किये जाने का आश्वासन दिया है। राशि स्वीकृत हो जाने से खराब आर्थिक स्थिति से गुजर रहे परिवार को बच्चे के इलाज में सहायता मिलेगी। बच्चे के परिजनों को बादल के बेहतर इलाज के लिए एम्स रायपुर या अन्य बड़े अस्पतालों के न्यूरो विभाग में इलाज कराने का परामर्श दिया गया है।

    उल्लेखनीय है कि ग्राम धौरामुड़ा निवासी जयकुमार के नौ वर्षीय पुत्र बादल का तीन वर्ष पूर्व अज्ञात कारणों से तबीयत खराब हो गई थी। प्रारंभिक इलाज कराने पर  डॉक्टरों ने न्यूरो और रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्या बताई। बीमारी के कारण बालक बादल बिस्तर पर ही लेटे रहता है तथा बिना किसी सहारे के बिस्तर से उठ नहीं पाता है। परिजनों ने कोरबा और अन्य शहरों के अस्पतालों में बालक का इलाज कराया, फिर भी बालक ठीक नहीं हो पाया। बालक के पिता जयकुमार ने बताया कि बादल के इलाज में बहुत सारे पैसे खर्च हो चुके हैं। घर की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो गई है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चे के बारे में जानकारी प्राप्त होते ही कलेक्टर श्रीमती साहू ने संवेदनशीलता से इलाज के लिए हाथ आगे बढ़ाया। कलेक्टर ने बच्चे के इलाज प्रशासन के सहयोग से करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके फलस्वरूप जिला खनिज संस्थान न्यास से तात्कालिक रूप से एक लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

  • हमर पारा हमर क्लीनिक योजना बनी पहुंचविहीन क्षेत्र के लिये वरदान: जशपुर जिले में 5885 क्लीनिक लगाकर 149609 लोगों को किया गया लाभान्वित

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढीकरण एवं सुचारू संचालन तथा प्रत्येक जनता तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के दृष्टिगत जनता को उसके पारा-टोला-मोहल्ला में सप्ताह में एक दिन स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने हेतु जिले में हमर पारा हमर क्लीनिक योजना का आयोजन किया जा रहा है।

    जिससे पहुंचविहीन एवं सुदूर वनांचल क्षेत्र में भी योजना के तहत स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा क्लीनिक लगाकर स्वास्थ्य सेवायें प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखण्ड बगीचा के पहुंचविहीन पाठ क्षेत्र के ग्राम कपतुरा में विगत दिवस को हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर मैना के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के द्वारा हमर पारा हमर क्लीनिक का आयोजन किया गया।  जिसमें 58 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार एवं निःशुल्क दवाईयां प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि हमर पारा हमर क्लीनिक में अब तक जिले में 5885 क्लीनिक लगाकर 149609 लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में संचालित एनीमिया मुक्त जशपुर अभियान के तहत् हिमोग्लोबिन जांच का कार्य भी हमर पारा हमर क्लीनिक में किया जा रहा है।

  • भेंट- मुलाकात : मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ सहायता योजना से होगा रमा का इलाज

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर/रायपुर

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशव्यापी भेंट- मुलाकात कार्यक्रम के तहत आज दुलदुला विकासखंड के ग्राम पतराटोली में लोगों से चर्चा की और उनसे शासकीय योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर फीडबैक लिया। इसी बीच भेंट-मुलाकात में गंभीर बीमारी से ग्रसित रमा ताम्रकार ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को अपने बीमारी के बारे में बताया और आर्थिक मदद की अपील की। रमा ने बताया कि उसे गम्भीर बीमारी है, बेहतर इलाज के लिए पैसों की आवश्यकता है, आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह ठीक तरह से अपना इलाज नहीं करा पा रही है। उसका इलाज दिल्ली में चल रहा है, पैसों की जरूरत है।

    रमा की समस्या सुनकर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, उनका इलाज मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ सहायता योजना से किया जाएगा, मुख्यमंत्री ने रमा को इलाज का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि इस योजना के तहत 20 लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा है। मुख्यमंत्री के संवेदनशीलता पर रमा ने आभार प्रकट करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।

  • धनवंतरी मेडिकल स्टोर से हर वर्ग के लोगों को मिल रहा लाभ रू जशपुर जिले में 5 नगरीय निकायों में धन्वन्तरी मेडिकल स्टोर संचालित

    जिले में अब तक 9465 उपभोक्ताओें को 19 लाख 2 हजार 718  रुपए से अधिक की दी गई है दवाईयां

    50 से 61 प्रतिशत् से अधिक की छूट पर विक्रय की जा रही है दवाईयां

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    आम नागरिकों को बाजार में मिलने वाली महंगी दवाईयों से राहत दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धन्वंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर प्रारंभ किया है जहां सस्ती दर पर मिल रही गुणवत्ता पूर्ण दवाओं का सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है। जेनेरिक मेडिकल स्टोर में दवाईयां निजी मेडिकल स्टोर एवं बाजार में मिलने वाली दवाओं की कीमत की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम मूल्य पर मिलती है। जिससे उपभोक्ताओं के दवाई में होने वाले खर्च में कमी आ रही है।

    जिले के 5 नगरीय निकायों में धन्वन्तरी मेडिकल स्टोर खुलने से लोगों को सस्ते दाम पर दवाइयां उपलब्ध हो रही है। जिले में संचालित मेडिकल स्टोर में योजना प्रारंभ से अब तक 9465 उपभोक्ताओें को 19 लाख 2 हजार 718 रुपए से अधिक की जेनेरिक दवाईयों का विक्रय किया गया है जिसकी वास्तविक मूल्य लगभग 47 लाख 93  हजार 430 रूपए से अधिक है। धन्वन्तरी मेडिकल स्टोर खुलने से लोगों को सस्ते दाम पर दवाइयां उपलब्ध हो रही है। संचालित मेडिकल स्टोर में सर्दी, ख़ासी, बुखार, ब्लड प्रेशर जैसी आम बीमारियों के साथ-साथ गंभीर बीमारियों की जेनेरिक दवाएं, एंटीबायोटिक, सर्जिकल आइटम, वन विभाग के संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य प्रसाधन उत्पाद और शिशु आहार भी उपलब्ध है। मेडिकल स्टोर में दवाई खरीदने आए उपभोक्ताओं का कहाना है कि बाजार में 300 रूपए कीमत की मिलने वाली दवा इस स्टोर में मात्र 126 रुपए में मिल जाती है। इसी तरह सर्दी बुखार सहित अन्य बीमारियोें की भी दवाईयां अन्य मेडिकल स्टोर की तुलना में आधे से कम दाम पर मिल रही है। उपभोक्ताओं ने सस्ती दर पर दवाईयां उपलब्ध कराकर प्रत्यक्ष लाभ आम जन को दिलाने के लिए प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन को सहृदय धन्यवाद दिया है।