छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्रांति: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी, अब शहर में 15 और गांव में 30 मिनट में पहुंचेगी 108 सेवा, नवजातों के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की ऐतिहासिक शुरुआत

प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी शहर में 15 और गांव में 30 मिनट में पहुंचेगी 108 सेवा: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल 300 BLS, 70 ALS के साथ पहली बार 5 नियोनेटल ALS — नवजात शिशुओं के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत रायपुर : प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं 70 एडवांस्ड…

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टीबी मरीजों के नाम पर 2.40 लाख की गड़बड़ी का मामला: जशपुर कलेक्टर ने बनाई जांच समिति, 15 दिनों में रिपोर्ट देने के सख्त निर्देश

टीबी मरीजों के नाम पर राशि गड़बड़ी की शिकायत पर जांच समिति गठित जशपुर कलेक्टर ने 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट देने के दिए निर्देश जशपुर : टीबी मरीजों के नाम पर 2.40 लाख रुपये की गड़बड़ी संबंधी शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा संज्ञान लेते हुए जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस संबंध में कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जशपुर द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार गठित जांच समिति पूरे प्रकरण की विस्तृत…

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सिम्स की दूरदर्शी पहल: “ग्रीन एनेस्थीसिया” से अब सुरक्षित इलाज के साथ पर्यावरण संरक्षण भी, आधुनिक तकनीकों से ऑपरेशन थिएटर की हानिकारक गैसों पर लगेगी लगाम

रायपुर : छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देते हुए “ग्रीन एनेस्थीसिया” की पहल की जा रही है। इस पहल के तहत मरीजों को सुरक्षित उपचार प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण और चिकित्सकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऑपरेशन थिएटर में उपयोग होने वाली एनेस्थीसिया गैसों के दुष्प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से सिम्स द्वारा आधुनिक और पर्यावरण हितैषी तकनीकों को अपनाया जा रहा है। एनेस्थीसिया गैसें: पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा सर्जरी के दौरान उपयोग की जाने वाली…

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जीवन बचाने का संकल्प लेकर आया हूँ” — स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा ऐलान: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं अब SANKALP मॉडल पर, 6976 करोड़ से अधिक का बजट पारित; कैशलेस इलाज, नए मेडिकल कॉलेज, 300 एम्बुलेंस और अत्याधुनिक कार्डियक-कैंसर संस्थान की तैयारी

मैं जीवन की रक्षा का संकल्प लेकर, सेवा का दीप जलाने आया हूँ: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल SANKALP पर आधारित होंगी राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं, इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे, यही है सरकार का उद्देश्य: स्वास्थ्य मंत्री राज्य में शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस इलाज सुविधा के लिए बजट मेें 100 करोड़ रूपए का प्रावधान स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए 6 हजार 976 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित रायपुर में बनेगा मध्य भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि…

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भीषण गर्मी को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: जशपुर में लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, नागरिकों से दोपहर में घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की अपील

भीषण गर्मी में सतर्क रहें, लू से बचें स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी लोगों से सावधानी बरतने की अपील जशपुर : जिले में बढ़ते तापमान और गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने आम नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि लू लगने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। लू के लक्षण – स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गर्मी बढ़ने के साथ…

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चिरायु योजना से बदली नन्हे विक्रम की जिंदगी: जन्मजात कटे होंठ-तालु का हुआ सफल ऑपरेशन, बस्तर के वनांचल में फिर गूंज उठी मासूम मुस्कान

खिलखिलाती मुस्कान की नई इबारत लिख रहा बस्तर के वनांचल से नन्हा विक्रम रायपुर : चिरायु योजना से उन परिवारों को निःशुल्क इलाज़ का लाभ पहुँचाना है, जो परिवार आयुष्मान भारत योजना में लाभ के लिए पात्र नहीं है। अंत्योदय परिवार और दिव्यांगजन चिरायु योजना के तहत निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकते है। बस्तर जिले के सुदूर वनांचल में बसे तारागांव की गलियों में इन दिनों एक नई गूंज सुनाई दे रही है। यह गूंज है 6 वर्षीय बालक विक्रम कश्यप की खिलखिलाती मुस्कान और उसके साफ शब्दों…

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जिला अस्पताल जशपुर में जांच और दवाओं की कमी नहीं: ‘हमर लैब’ को लेकर उठी शिकायतों पर सिविल सर्जन ने दी सफाई, कहा— सभी आवश्यक जांचें नियमित रूप से जारी

जिला अस्पताल में जांच व दवाओं की उपलब्धता जारी: सिविल सर्जन हमर लैब संचालन के संबंध में वस्तुस्थिति किया स्पष्ट जशपुर : सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला अस्पताल जशपुर ने हमर लैब में जांच बंद संबंधित शिकायत पर वस्तुस्थिति स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में जांच और दवाओं की उपलब्धता नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है। सिविल सर्जन ने बताया कि हमर लैब में जांच संबंधी केमिकल (रिऐजेंट) छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) द्वारा उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिसके बाद जांचों की…

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चिरायु टीम की संवेदनशील पहल से बदली मासूम की जिंदगी: कटे होंठ-तालु से जूझ रहे बच्चे का सफल ऑपरेशन, चेहरे पर लौटी मुस्कान

जगदलपुर : जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत छोटे से गांव साड़गुड़ के एक गरीब परिवार के बच्चे को चिरायु टीम की पहल से नया जीवन मिला है। आंगनबाड़ी केन्द्र में चिरायु टीम के भ्रमण के दौरान एक माह का बच्चा अपनी मां की गोद में रोता हुआ देखा गया। पूछताछ करने पर पता चला कि उसकी मां बच्चे को टीकाकरण के लिए केन्द्र लेकर आई थी। चिरायु टीम ने जब बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया तो पाया कि बच्चा काफी कमजोर था तथा उसके होंठ कटे-फटे थे और तालु भी…

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वनांचल में स्वास्थ्य की दस्तक — प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट ने 235 पीवीटीजी बसाहटों तक पहुंचाई इलाज की सुविधा, 3,678 हितग्राही हुए लाभान्वित

पीएम जनमन योजना से पीवीटीजी बस्तियों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से घर के समीप जांच एवं उपचार सुविधा रायपुर : दूरस्थ वनांचल और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बसे विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। बलरामपुर रामानुजगंज जिले में विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों को मूलभूत सुविधाएं…

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पिता के निधन और आर्थिक संकट के बीच उम्मीद बनी चिरायु योजना — बस्तर की मासूम अंजलि को मिला नया जीवन, जटिल ट्यूमर सर्जरी से खिली फिर मुस्कान

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी चिरायु योजना (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) आज प्रदेश में उन मासूमों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध हो रही है, जो आर्थिक अभाव और सूचना की कमी के कारण इलाज की राह देख रहे थे। बस्तर की जटिल भौगोलिक परिस्थितियों और सुदूर वनांचल ग्रामों में जहाँ शिक्षा और सुगम आवागमन आज भी एक चुनौती है, वहां यह योजना न केवल बीमारियों की पहचान कर रही है, बल्कि बच्चों को उनके स्वास्थ्य का अधिकार दिलाकर धरातल पर एक सुखद बदलाव ला रही है।  विकासखंड बस्तर के…

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