छात्रावास-आश्रमों में रहने वाले बच्चों को विशेष कोचिंग से किया जा रहा लाभान्वित.
जशपुर : जशपुर जिले के छात्रावास और आश्रमों में रहने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई मजबूत करने के लिए विशेष कोचिंग योजना शुरू की गई है। सत्र 2026-27 में संचालित इस योजना के तहत अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और वाणिज्य जैसे विषयों में विद्यार्थियों की कमजोरियों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है। विशेष शिक्षण केन्द्र योजना के अंतर्गत अनुभवी सेवानिवृत्त शिक्षकों और योग्य युवाओं को प्रशिक्षक बनाया जा रहा है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके और परीक्षा परिणाम में गुणात्मक सुधार आए।
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा जिले में संचालित छात्रावास-आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए विशेष कोचिंग योजना संचालित की जा रही है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि विशेष शिक्षण केन्द्र योजना नियम 2005 के अंतर्गत सत्र 2026-27 में यह योजना संचालित की जा रही है। दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में अच्छे शिक्षकों के अभाव के कारण छात्रावास-आश्रमों में रहने वाले बच्चों को अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं वाणिज्य जैसे कठिन विषयों में होने वाली कमजोरी को दूर करने तथा परीक्षा परिणाम में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से विशेष कक्षाएं लगाई जा रही हैं।
योजना के अंतर्गत माध्यमिक स्तर के आश्रमों एवं छात्रावासों में प्रशिक्षकों के रूप में सेवानिवृत्त शिक्षक, योग्य एवं अनुभवी बेरोजगार युवक-युवतियों को प्राथमिकता दी जा रही है। चयन में शैक्षणिक योग्यता, चरित्र, निष्ठा एवं अनुभव का विशेष ध्यान रखा जाता है। छात्र संख्या की पूर्ति न होने पर स्थानीय स्कूलों के अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के गरीब विद्यार्थियों एवं आसपास के छात्रावासों के बच्चों को भी इस योजना से जोड़ा जा रहा है।
