जिला बदर होने के बावजूद भी अपने गृह ग्राम आकर तलवार लहराकर आमनागरिकों को कर रहा था आतंकित, रामाशंकर यादव को तलवार सहित पुलिस ने किया गिरफ्तार

समदर्शी न्यूज़, अम्बिकापुर : सरगुजा पुलिस द्वारा जारी अभियान “ऑपरेशन विश्वास” के तहत आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आरोपियों की लगातार धरपकड़ की जा रही हैं, इसी क्रम में मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार हैं कि दिनांक 25/05/24 को थाना लुन्ड्रा पुलिस टीम को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ माह पूर्व जिला बदर हुआ व्यक्ति दोरना निवासी रामाशंकर यादव अपने निवास स्थान दोरना में आकर अपने कब्जे में तलवार रखकर लोगों को भयभीत कर रहा है।

सूचना पर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ग्रामीण अमित पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए ग्राम दोरना लुन्ड्रा रवाना होकर जिला बदर हुए अनावेदक रामाकंशर यादव का पता तलाश किया जा रहा था दौरान पता तलाश रामाशंकर यादव अपने मकान की छत से तलवार लेकर नीचे कुदा और तलवार को लहराते हुए घर से बाहर सड़क की ओर भागने लगा जिसको पुलिस टीम की सक्रियता से घेराबन्दी कर पकड़ा गया।

पुलिस टीम द्वारा जिला बदर हुए अनावेदक रामाशंकर यादव उम्र 52 वर्ष साकिन दोरना थाना लुन्ड्रा को धारा 91 जा.फौ.का नोटिस देकर अनावेदक को जिला बदर होने के बावजूद प्रतिबंधित जिलों में प्रवेश करने के पूर्व पुर्वानुमति होने अथवा वैध दस्तावेज की मांग की गई जो अनावेदक द्वारा कोई वैध दस्तावेज या पूर्वानुमति पेश नहीं किया एवं आरोपी के कब्जे से जप्तशुदा हथियार तलवार के संबंध में भी कोई वैध दस्तावेज पेश नही किया।

अनावेदक रामाशंकर यादव साकिन दोरना थाना लुन्ड्रा के द्वारा छत्तीसगढ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क) (ख) के अनुसार जिला दण्डाधिकारी सरगुजा छ.ग. के आदेश की अवहेलना कर जिला बदर होने के बावजूद बिना वैध अनुमति जिला प्रवेश कर अपने गृहग्राम आकर अपने निवास पर रहकर अवैध रूप से तलवार लहराकर आमनागरिकों को डराना धमकाना पाये जाने पर आरोपी रामाशंकर यादव उम्र 52 वर्ष साकिन दोरना थाना लुन्ड्रा के विरुद्ध अपराध क्रमांक 140/24 धारा छ.ग.राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 14, 15 एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जाता हैं।

सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी लुन्ड्रा उप निरीक्षक सम्पत पोटाई, सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान्, सत्यनारायण पाल, महिला आरक्षक प्रेमा मरावी, आरक्षक मनीष सिंह, अशोक यादव, दीपक पाण्डेय, हेमंत लकड़ा, अनिल मरावी शामिल रहे।

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