
डकैती की खौफनाक साजिश : झरन-चापन के जाल में उलझे अपराधी, पुलिस ने किया पर्दाफाश, 40 करोड़ की दौलत और 16 किलो सोने के लालच में की डकैती, रायपुर पुलिस ने 15 अपराधियों को किया गिरफ्तार.
March 31, 2025गांव के प्रतिद्वंदी द्वारा प्रार्थी के घर में हण्डा के माध्यम से 40 करोड़ रूपये और 16 किलो सोना मिलने और रखे होने की सूचना क्रमिक रूप से पहुंचाई गई थी आरोपियों तक.
सामाजिक अंध विश्वास, चापन और झरण के माध्यम से आरोपियों द्वारा अफवाहित रकम और सोना प्राप्त करने की, की गई थी प्लानिंग, समाज में फैले अंध विश्वास और लालच की परिणति है यह घटना.
दिनांक 27-28 मार्च 2025 की दरम्यानी रात्रि थाना खरोरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम केवराडीह स्थित प्रार्थी के मकान में दिये गये थे डकैती की घटना को अंजाम.
पूरे घटना का मास्टर माइंड है प्रार्थी के गांव का ही आरोपी देवराज डहरिया, प्रकरण में कुल 15 आरोपियों को किया गया है गिरफ्तार.
आरोपियों के कब्जे से डकैती की सोने-चांदी के जेवरात, नगदी रकम तथा घटना में प्रयुक्त हथियार, मोटर सायकल एच एफ डीलक्स क्रमांक सीजी/04/एलएल/3019, स्वीफ्ट वाहन क्रमांक सीजी/07/एमबी/1490, टाटा हेक्सा वाहन क्रमांक सीजी/04/एमबी/0777, वेगन आर कार क्रमांक सीजी/28/एल/9996 तथा 15 नग मोबाईल फोन किया गया है जप्त.
आरोपियों के विरूद्ध थाना खरोरा में अपराध क्रमांक 182/25 धारा 310(2), 331(6) बी.एन.एस. का अपराध किया गया पंजीबद्ध.
जप्त मशरूका की कुल कीमत है लगभग 20 लाख रूपये, आरोपी सप्तऋषि है थाना खरोरा का हिस्ट्रीशीटर.
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज रायपुर की विशेष अपील – झरन/चापन/गड़ा हुआ धन जैसे अंधविश्वास के फेर में न रहें। इस प्रकार के अंधविश्वास की यह रेंज में 6 वीं आपराधिक घटना है। यदि लोगों को इस संबंध में कोई भी सूचना प्राप्त होती है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
रायपुर. 31 मार्च 2025 : प्रार्थी राधेलाल भारद्वाज ने थाना खरोरा में रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि वह ग्राम केवराडीह थाना खरोरा जिला रायपुर स्थित अपने मकान में सपरिवार रहता है तथा खेती किसानी के साथ ही कंस्ट्रक्शन का भी काम करता है। दिनांक 27 मार्च 2025 की रात्रि प्रार्थी, उसकी पत्नी, मां, पुत्र, पुत्री, बहू एवं बहू की छोटी बहन सभी मकान के अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। प्रार्थी जिस कमरे में सोया था उस कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। इसी दौरान रात्रि लगभग 02:05 बजे 07 अज्ञात नकाबपोश व्यक्ति हाथ में तलवारनुमा हथियार एवं बटननुमा चाकू लेकर प्रार्थी के मकान में प्रवेश कर उसके कमरे में जाकर प्रार्थी को उठाये तब वह देखा तो अलग-अलग 03 व्यक्ति अपने हाथ में तलवारनुमा हथियार, बटननुमा चाकू एवं पिस्टलनुमा हथियार रखें थे तथा 04 व्यक्ति कमरे के दरवाजा के सामने परछी में हाथ में तलवारनुमा हथियार लेकर खडे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति प्रार्थी के कनपटी पर पिस्टल टिका कर बोला जितना पैसा, सोना-चांदी है, जल्दी दे दो, शोर मत करना नहीं तो गोली मार दूंगा एवं दो व्यक्ति उसके उपर तलवारनुमा हथियार को ताने खडे थे और जल्दी से पैसा, सोना चांदी निकालो कहकर उनमें से एक व्यक्ति तलवारनुमा हथियार से प्रार्थी पर वार किया तो उसके द्वारा अपने हाथ से रोकने पर उसके दायें हाथ के पंजा का उपर भाग में कट कर चोट लगा। नकाबपोश व्यक्ति प्रार्थी की पत्नी को भी सोते से उठाकर उस पर हथियार तान कर कमरे में रखें आलमारी व पेटी का चाबी प्रार्थी की पत्नि से लेकर आलमारी व पेटी को खोलकर उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी रकम को लूट लिये तथा प्रार्थी के दोनों पैर को रस्सी से बांधकर दूसरे कमरे की तलाशी लिये और शोर मचाओगे तो मार देंगे कहकर मकान के पीछे दरवाजा से भाग गये, कि प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात नकाबपोश आरोपियों के विरूद्ध थाना खरोरा में अपराध क्रमांक 182/25 धारा 310(2), 331(6) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
डकैती की घटना को पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, रायपुर श्री अमरेश मिश्रा तथा पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा गम्भीरता से लेते अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री कीर्तन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संदीप मित्तल, उप पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संजय सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्री केशरी नंदन नायक, प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पाण्डेय एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट, थाना प्रभारी खरोरा निरीक्षक दीपक पासवान तथा थाना प्रभारी तिल्दा नेवरा श्री सत्येन्द्र सिंह श्याम को अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया।
जिस पर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा स्वयं घटना का स्थल का निरीक्षण कर क्राईम ब्रांच एवं थाना खरोरा पुलिस की 10 विशेष टीमों का गठन किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण करने के उपरांत प्रार्थी, उसकी पत्नि एवं परिवार के अन्य सदस्यों से घटना के संबंध में तकनीकी रूप से विस्तृत पूछताछ करने के साथ तत्काल थानों एवं सरहदी जिलों में नाकेबंदी लगायी गयी, डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम एव क्राईम ब्रांच की टेक्निकल टीम को साक्ष्य जुटाने हेतु लगाया गया। साथ ही आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर कथन लेखबद्ध किया गया। क्राईम ब्रांच की टेक्निकल टीम द्वारा घटना स्थल के आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का बारिकी से अवलोकन करने के साथ ही प्रकरण में मुखबीर भी लगाये गये। तकनीकी विश्लेषणों सहित अन्य माध्यमों से अज्ञात आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे थे।

इसी दौरान टीम के सदस्यों को तिल्दा नेवरा निवासी जितेन्द्र पाठक के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा जितेन्द्र पाठक की पतासाजी कर पूछताछ करने पर उसके द्वारा किसी भी प्रकार से अपराध में अपनी संलिप्तता नहीं होना बताकर टीम के सदस्यों को लगातार गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा था, कि प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर जितेन्द्र पाठक द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर डकैती की उक्त घटना को अंजाम देना बताया गया।
जिस पर क्राईम ब्रांच की अलग-अलग टीम के सदस्यों द्वारा मुंगेली, कबीरधाम, बलौदा बाजार, महासमुंद एवं रायपुर से प्रकरण में संलिप्त आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ रेड कार्यवाही करते हुये पूछताछ के आधार पर प्रकरण में कुल 15 आरोपियों को पकड़ा गया।
पूरे घटना का मास्टर माइंड आरोपी देवराज डहरिया निवासी ग्राम केवराडीह थाना खरोरा है। आरोपी देवराज डहरिया का पूर्व में प्रार्थी राधेलाल भारद्वाज के घर आना – जाना था एवं प्रार्थी के पास जे.सी.बी., हार्वेस्टर एवं ट्रेक्टर वाहन है जिसमें वह कंस्ट्रकशन सहित अन्य कार्यो को संचालित कर कमायी करता है, जिससे प्रभावित होकर आरोपी देवराज डहरिया ने भी जे.सी.बी. मशीन/वाहन फायनेंस के माध्यम से क्रय कर लिया। जिससे आरोपी एवं प्रार्थी के मध्य व्यवसायिक मनमुटाव हो गया तथा दोनों एक-दूसरे से बात करना बंद कर दिसे। आरोपी देवराज डहरिया द्वारा प्रार्थी के उन्नति को देखकर जलन की भावना व द्वेष रखता था प्रार्थी के घर डकैती करने की योजना बना डाली।
आरोपी देवराज डहरिया से ईश्वर रामटेके एवं सोना बारमते उर्फ सोनू से संपर्क कर उन्हें बताया कि राधेलाल भारद्वाज अपने घर में 40 करोड़ रूपये नगदी एवं 16 किलो सोना रखा है, चापन (घर में सोये हुये लोगों को तंात्रिक पूजा पाठ के माध्यम से गहरी नींद में बेसुध करना) के माध्यम से पैसा एवं सोना को प्राप्त करना है, जिस हेतु बैगा एवं अन्य व्यक्तियों की आवश्यकता होगी। जिस पर ईश्वर रामटेके द्वारा अलख निरंजन, सप्तऋषि एवं जितेन्द्र पाठक को उक्त जानकारी दिया, कि जितेन्द्र पाठक किशन वर्मा, तिलक वर्मा एवं रूपेश साहू को उक्त जानकारी दिया तो रूपेश साहू द्वारा छत्रपाल उर्फ राजू को बताने पर छत्रपाल उर्फ राजू द्वारा पिंकू राजपूत, सूरज सेन, गज्जू चंद्रवंशी, साहिल खान, प्रकाश मिश्रा को बताया। सभी योजना के अनुसार दिनांक घटना को खरोरा में एकत्रित होकर एक साथ मिले तथा घटना क्रम को अंजाम देने हेतु 03 चारपहिया वाहन एवं 01 मोटर सायकल के माध्यम से प्रार्थी के मकान पास पहुंचे तथा अपने साथ चाकू, तलवार एवं डण्डा रखें थे। योजना के अनुसार प्रार्थी के मकान में गज्जू चंद्रवंशी, किशव वर्मा, छत्रपाल राजपूत, देवराज डहरिया, सूरज सेन, प्रकाश मिश्रा एवं 01 अन्य आरोपी के मकान अंदर प्रवेश किये एवं शेष आरोपी प्रार्थी के मकान के पीछे, सामने गेट एवं खेत की ओर रेकी कर रहे थे। इस प्रकार आरोपियों द्वारा डकैती की पूरी घटना क्रम को अंजाम दिया गया था।
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से डकैती की सोने-चांदी के जेवरात, नगदी रकम तथा घटना में प्रयुक्त हथियार, मोटर सायकल एचएफ डीलक्स क्रमांक सीजी/04/एलएल/3019, स्वीफ्ट वाहन क्रमांक सीजी/07/एमबी/1490, टाटा हेक्सा वाहन क्रमांक सीजी/04/एमबी/0777, वेगन आर कार क्रमांक सीजी/28/एल/9996 तथा 15 नग मोबाईल फोन जुमला कीमती लगभग 20 लाख रूपये जप्त किया गया है।
प्रकरण में संलिप्त तीन आरोपी फरार है, जिनकी पतासाजी कर गिरफ्तार करने के हर संभव प्रयास किये जा रहे है।
गिरफ्तार आरोपी –
1.देवराज डहरिया पिता राजेन्द्र डहरिया उम्र 30 साल निवासी ग्राम केवराडीह थाना खरोरा जिला रायपुर,
2.ईश्वर रामटेके पिता स्व. शंकर लाल रामटेके उम्र 66 साल निवासी प्रोफेसर कालोनी थाना पुरानी बस्ती रायपुर,
3.सप्तऋषि राज पिता स्व. विशाल राज उम्र 52 साल निवासी ग्राम भठिया थाना खरोरा जिला रायपुर,
4.अलख निरंजन रजक पिता स्व. चैत राज रजक उम्र 47 साल निवासी ग्राम अकोली थाना धरसींवा जिला रायपुर,
5.जितेन्द्र पाठक पिता रमेश पाठक उम्र 33 साल निवासी ग्राम जलसो थाना तिल्दा नेवरा जिला रायपुर,
6.तिलक वर्मा पिता स्व. आनंद राम वर्मा उम्र 58 साल निवासी ग्राम नरदहा थाना विधानसभा जिला रायपुर,
7.किशन वर्मा पिता रामकुमार वर्मा उम्र 34 साल निवासी ग्राम बैकुण्ठ थाना तिल्दा नेवरा जिला रायपुर,
8.रूपेश साहू पिता भीखम साहू उम्र 36 साल निवासी ग्राम लोहारसी थाना पलारी जिला बलौदा बाजार,
9.पिंकू राजपूत पिता दिलीप राजपूत उम्र 20 साल निवासी ग्राम नवगटा थाना पिपरिया जिला कबीरधाम,
10.सूरज सेन पिता अशोक सेन उम्र 25 साल निवासी ग्राम व पोस्ट धरमपुरा थाना पिपरिया जिला कबीरधाम,
11.छत्रपाल राजपूत उर्फ राजू पिता नारायण राजपूत उम्र 27 साल निवासी ग्राम व पोस्ट धरमपुरा थाना पिपरिया जिला कबीरधाम.
12. गज्जू चंद्रवंशी पिता बलुक चंद्रवंशी उम्र 25 साल ग्राम नवघटा पोस्ट पिपरिया थाना पिपरिया जिला कवर्धा जिला कबीरधाम,
13.प्रकाश मिश्रा पिता ओम प्रकाश मिश्रा उम्र 31 साल निवासी पटवारी कालोनी थाना व जिला बलौदा बाजार,
14.साहिल खान पिता नाजिर खान उम्र 27 साल निवासी ग्राम कांपा थाना तुमगांव जिला महासमुंद,
15.सोना बारमते उर्फ सोनू पिता स्व. विश्राम बारमते उम्र 35 साल निवासी ग्राम उमरिया पोस्ट बाउली थाना सरगांव जिला मुंगेली,
इस प्रकरण की कार्यवाही में निरीक्षक दीपक पासवान थाना प्रभारी खरोरा, निरीक्षक सत्येन्द्र सिंह श्याम थाना प्रभारी तिल्दा-नेवरा, ए.सी.सी.यू. से प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पाण्डे, उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कंवर, उपनिरीक्षक सतीश कुमार पुरिया, उपनिरीक्षक मुकेश सोरी, सहायक उपनिरीक्षक गेंदुराम नवरंग, सहायक उपनिरीक्षक मंगलेश्वर सिंह परिहार, अ सहायक उपनिरीक्षक तुलेश राय, सहायक उपनिरीक्षक शंकर लाल ध्रुव, प्रधान आरक्षक कृपासिंधु पटेल, प्रधान आरक्षक रविकांत पाण्डेय, प्रधान आरक्षक कुलदीप द्विवेदी, प्रधान आरक्षक गुरूदयाल सिंह, प्रधान आरक्षक आशीष त्रिवेदी, प्रधान आरक्षक महेन्द्र राजपूत, प्रधान आरक्षक चिंतामणी साहू, प्रधान आरक्षक संतोष दुबे, प्रधान आरक्षक घनश्याम प्रसाद साहू, प्रधान आरक्षक जसवंत सोनी, प्रधान आरक्षक प्रमोद वर्ठी, प्रधान आरक्षक बसंती मौर्य, प्रधान आरक्षक सुनील सिलवाल, प्रधान आरक्षक उपेन्द्र यादव, प्रधान आरक्षक दीपक बघेल, प्रधान आरक्षक संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र भार्गव, प्रधान आरक्षक जसवंत सोनी, आरक्षक धनंजय गोस्वामी, आरक्षक दिलीप जांगडे, आरक्षक संदीप सिंह, आरक्षक वीरेन्द्र बहादुर सिंह, आरक्षक भूपेन्द्र मिश्रा, आरक्षक गणेश मरावी, आरक्षक अविनाश देवांगन, आरक्षक प्रशांत शुक्ला, आरक्षक प्रवीण मौर्या, आरक्षक राकेश सोनी, आरक्षक धनेश्वर कुर्रे, आरक्षक गौरीशंकर साहू, आरक्षक हिमांशु राठौड़, आरक्षक आशीष पाण्डेय, आरक्षक मुनीर रजा, आरक्षक बोधेन्द्र मिश्रा, आरक्षक महिपाल सिंह, आरक्षक मुनीर रजा, आरक्षक राकेश सोनी, आरक्षक विक्रम वर्मा, आरक्षक विकास क्षत्रिय, आरक्षक गौरीशंकर साहू, आरक्षक संतोष सिन्हा, आरक्षक महेन्द्र पाल साहू, आरक्षक आशीष राजपूत, आरक्षक प्रकाश नारायण पात्रे, आरक्षक अभिषेक सिंह तोमर, आरक्षक राजेन्द्र तिवारी, आरक्षक पुरूषोत्तम सिन्हा, आरक्षक अमित वर्मा, आरक्षक टेक सिंह मोहले, आरक्षक लालेश नायक, आरक्षक संजय मरकाम, आरक्षक तुकेश निषाद, आरक्षक अविनाश देवांगन, आरक्षक अनिल राजपूत, थाना खरोरा से उपनिरीक्षक सुरेन्द्र मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक राजेन्द्र्र्र कुर्रे, प्रधान आरक्षक तोषण वर्मा, प्रधान आरक्षक खिलेन्द्र वर्मा, आरक्षक सुरेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक गजेन्द्र ध्रुवंशी, आरक्षक देव वर्मा थाना तिल्दा नेवरा से प्र.आर. जालम साहू एवं आरक्षक कुलदीपक वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
पुलिस टीम के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये पूरे मामले का खुलासा करने पर पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर द्वारा टीम को 10,000/- रूपये की नगद राशि से पुरस्कृत किया गया है।