भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ जशपुर की सक्रिय पहल, राज्य शासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग
जशपुर, 15 मई 2025 : राज्य के सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनरों की समस्याओं को लेकर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश की जिला शाखा जशपुर द्वारा आज एक 6 सूत्रीय ज्ञापन कलेक्टर जशपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं पेंशन विभाग के सचिव को प्रेषित किया गया। महासंघ ने अपनी मांगों में पेंशनरों के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर राज्य शासन का ध्यान आकर्षित किया है और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में प्रमुख मांग की गई है कि मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) को समाप्त कर छत्तीसगढ़ शासन पृथक शासन संकल्प पारित करे, ताकि राज्य के पेंशनरों को आर्थिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही केंद्र सरकार के अनुरूप राज्य पेंशनरों को भी महंगाई भत्ते (DA/DR) की समतुल्यता में लाभ देने, पेंशनर स्वास्थ्य योजना की पुनः स्थापना कर स्थायी प्रकोष्ठ का गठन करने तथा सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा लागू करने की मांग की गई है।
महासंघ ने यह भी आग्रह किया है कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा अवधि को पूर्ण रूप से मान्य कर उन्हें पेंशन का अधिकार दिया जाए। महासंघ के जिला अध्यक्ष श्री रमेश चंद्र नन्दे ने बताया कि यदि इन मांगों पर समयबद्ध निर्णय नहीं लिया गया तो महासंघ चरणबद्ध आंदोलन हेतु बाध्य होगा।
उन्होंने कहा कि पेंशनर वर्ग राज्य सेवा में अपना अमूल्य योगदान दे चुका है और अब उन्हें सम्मानपूर्वक एवं सुरक्षित जीवन यापन हेतु सरकार से सहयोग की अपेक्षा है। महासंघ ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार संवेदनशीलता दिखाते हुए इन न्यायोचित मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेगी।

