दोकड़ा में रथ यात्रा महापर्व : 83 वर्षों की परंपरा में पहली बार सीएम बने गजपति महाराज, श्री जगन्नाथ की रथ-यात्रा बनेगी ऐतिहासिक अध्याय, श्री जगन्नाथ मंदिर से जुड़ेंगे हजारों श्रद्धालु, नौ दिवसीय उत्सव में झांकियां और मेला मुख्य आकर्षण, दोकड़ा में होगा पुरी जैसा दृश्य.

दोकड़ा/कुनकुरी. 26 जून 2025 : जशपुर ज़िले के ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष 27 जून को रथ यात्रा महापर्व का आयोजन अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ होने जा रहा है। इस अवसर को और विशेष बनाने जा रहे हैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जो गजपति महाराज की पारंपरिक भूमिका निभाते हुए रथ खींचने की रस्म अदा करेंगे। यह आयोजन पुरी (ओडिशा) की परंपरा के अनुरूप होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु, भक्ति संगीत, झांकियां, और एक विशाल मेला आयोजन को गौरवशाली स्वरूप देंगे।

जशपुर ज़िले के ऐतिहासिक व प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष भी रथ यात्रा का आयोजन पूरे भव्यता व श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। 27 जून को भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को हजारों श्रद्धालु रस्सी खींचकर खीचेंगे।

इस वर्ष की रथ यात्रा में एक विशेष आकर्षण यह रहेगा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं गजपति महाराजा की परंपरागत भूमिका निभाएंगे। उनके साथ धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी शामिल रहेंगी। यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया जाएगा।

बताया जाता है कि रथ-यात्रा की शुरुआत दोकड़ा में सन् 1942 में हुई थी। इसकी नींव स्व. सुदर्शन सतपथी एवं उनकी धर्मपत्नी स्व. सुशीला सतपथी ने रखी थी। तब से लेकर आज तक यह परंपरा निर्विघ्न रूप से जारी है और अब यह आयोजन एक भव्य धार्मिक मेले का रूप ले चुका है।

रथ-यात्रा के अवसर पर ओडिशा से विशेष रूप से आमंत्रित कीर्तन मंडलियां भक्ति संगीत की प्रस्तुति देंगी। साथ ही अनेक धार्मिक, सांस्कृतिक झांकियां भी यात्रा में शामिल होंगी, जो भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाएंगी।

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा के लोगों ने बताया कि रथ यात्रा महापर्व केवल एक दिन का नहीं होगा, बल्कि पूरा नौ दिन तक चलने वाला महोत्सव होगा। इस दौरान मंदिर परिसर एवं दोकड़ा गांव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल व युवा प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

रथ-यात्रा के दौरान दोकड़ा में विशाल मेला का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु भाग लेंगे। मेला में मनोरंजन, खानपान, झूले, हस्तशिल्प की दुकानों आदि की भरमार रहेगी।

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