श्रीजगन्नाथ की मौसीबाड़ी यात्रा पर मां लक्ष्मी का प्रतिकार, दोकड़ा में रथ तोड़ने की परंपरा ने रच दिया भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम

श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ निभाई गई हेरा पंचमी की रश्म

डांडिया व रंगोली प्रतियोगिता ने भरा आयोजन में रंग

दोकड़ा-जशपुर, 2 जुलाई 2025 : श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में हेरा पंचमी की पारंपरिक और धार्मिक रस्म पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव से संपन्न हुई। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भी सराबोर रहा।

मां लक्ष्मी जी की नाराज़गी – परंपरा अनुसार रथ तोड़ने की रस्म

हेरा पंचमी परंपरा के अनुसार, जब भगवान श्रीजगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ यात्रा पर मौसीबाड़ी चले जाते हैं और मां लक्ष्मी को साथ नहीं ले जाते, तो मां लक्ष्मी नाराज़ हो जाती हैं। इसी भाव को दर्शाते हुए, मां लक्ष्मी जी को श्री जगन्नाथ मंदिर से कीर्तन मंडली के साथ भव्य शोभायात्रा में निकाला गया।

पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मां लक्ष्मी जी ने रथ का एक भाग तोड़कर अपनी नाराज़गी व्यक्त की। इसके पश्चात उन्हें फूलों से सजी सुंदर पालकी में विराजमान कर मंदिर लाया गया। कीर्तन मंडली की मधुर प्रस्तुति और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया।

रंग-बिरंगे सांस्कृतिक आयोजन

हेरा पंचमी के अवसर पर डांडिया और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं ने उत्साह से भाग लिया।

डांडिया प्रतियोगिता विजेता:

प्रथम स्थान – वर्षा कुमावत

द्वितीय स्थान – रूपा यादव

तृतीय स्थान – सुमति

रंगोली प्रतियोगिता विजेता:

प्रथम स्थान – खुशी परी

द्वितीय स्थान – दिव्या भगत

तृतीय स्थान – खुशी मानिक

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को मंदिर समिति द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

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