“अगर कांग्रेस बदलापुर की राजनीति करती, तो आधे भाजपा नेता होते जेल में” – धनंजय ठाकुर का बड़ा हमला

भाजपा नेताओं के परिजनों के ऊपर नान घोटाला, पनामा पेपर मामला, नकल प्रकरण, जमीन कब्जे के कई आरोप है

रायपुर/21 जुलाई 2025 मंत्री केदार कश्यप के गजनी वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मंत्री केदार कश्यप को याद होना चाहिए उनकी पत्नी के स्थान पर उनकी साली ने परीक्षा दिया था, जिस पर नकल प्रकरण बना था। नान घोटाला में तत्कालीन मुख्यमंत्री के परिजनों के नाम नान डायरी में दर्ज हैं। पनामा पेपर मामले में भाजपा के कई नेताओं के पुत्रों के नाम है। गढ़मुक्तेश्वर में रिसार्ट किसका है? जिसके लिए कलकत्ता की दर्जनों फर्जी कंपनियों से एंट्रियां ली गयी, क्या ये मनी लॉड्रिंग नहीं है? कांग्रेस पार्टी अगर बदलापुर की राजनीति करती तो आज भाजपा के आधे से ज्यादा नेताओं के परिजन जेल में होते। कांग्रेस पार्टी राजनीतिक लड़ाई में कभी भी विपक्षी दल के नेताओं के परिजनों को न तो प्रताड़ित की है, न ही परेशान की है, क्योंकि कांग्रेस राजनीति में सुचिता बनाए रखना जानती है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद जिस प्रकार से विपक्षी दल को कमजोर करने के लिए जो गंदी राजनीति की जा रही है विपक्षी नेताओं एवं उनके परिजनों के खिलाफ झूठे मनगढ़ंत आरोप लगाकर जो केंद्रीय जांच एजेंसी का दुरुपयोग किया जा रहा है यह बेहद ही निंदनीय और आपत्तिजनक है। आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी ईडी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि वह राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा ना बने। राजनीतिक लड़ाई चुनाव में ही होना चाहिए उसमें जांच एजेंसियों की भागीदारी नहीं होनी चाहिए। इससे पहले भी विगत 5 मई 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ में तथाकथित शराब घोटाले पर ईडी की कार्यवाही को लेकर फटकार लगाते हुए कहा था कि ‘‘बिना ठोस सबूत के आरोपियों पर इंल्जाम लगाना बंद करो, हमने ईडी की कई शिकायते देखी है, यह पैटर्न है, बिना किसी संदर्भ के सिर्फ आरोप लगाओ।’’

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि असल मायने में भाजपा कांग्रेस से सीधा मुकाबला नहीं कर पा रही है क्योंकि 11 साल में मोदी सरकार ने जनता के कोई भी वादे को पूरा नहीं किया है, हर तरफ बेरोजगारी, महंगाई हताशा दिख रही है। सरकारी संपत्तियां बेची जा रही  है।  सरकारी नौकरियां खत्म की जा रही है जिसका विरोध कांग्रेस पार्टी कर रही है, जिसका जवाब देने में सरकार के मंत्री और भाजपा नेता असफल साबित हो गए और आज जनता, कांग्रेस सरकार की और भाजपा सरकार की तुलना कर रही है तब कांग्रेस सरकार के दौरान को बेहतर मान रही है। ऐसे में भाजपा अपनी आदत के अनुसार विपक्षी दल के नेताओं का चरित्र हनन करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है। इससे जांच एजेंसियों की छवि भी खराब हो रही है। इस प्रकार से गंदी राजनीति ज्यादा समय तक नहीं चलता है, अंत में जनता समझ जाती है कि काम करने में असफल भाजपा की सरकार सिर्फ यह प्रोपोगंडा कर रही है।

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