जशपुर पुलिस की बड़ी कार्यवाही : चौंकाने वाला खुलासा ! नर्स ने माता-पिता को धोखे में रख नवजात को, दंपत्ति को दिया था सौंप, बच्ची सुरक्षित बरामद, अवैध गोदनामे में फंसी नर्स और दंपत्ति गिरफ्तार कर भेजा न्यायिक रिमांड पर.

दिनांक 13 सितंबर 2025 को प्रार्थी सुखदेव नाग उम्र 45 वर्ष, निवासी कोडेकेला घरजियाबथान थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.) ने थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पहली पत्नी से 04 बच्चियां हैं। पहली पत्नी की मृत्यु के बाद लगभग डेढ़ वर्ष से दूसरी पत्नी दिलासो बाई उसके साथ रह रही है।

जो कि गर्भवती थी, जिसे दिनांक 28 अगस्त 2025 को प्रसव पीड़ा होने पर शासकीय अस्पताल पत्थलगांव लाया गया, जहाँ उसी दिन पुत्री का जन्म हुआ। दिनांक 30 अगस्त 2025 को अस्पताल से छुट्टी मिलने के समय प्रार्थी अपना सामान लेने चट्टानपारा पत्थलगांव गया हुआ था। वापस आने पर उसकी पत्नी ने बताया कि नर्स अनुपमा टोप्पो बच्ची को टीका लगवाने ले गई है और बताया कि बच्ची की तबियत ज्यादा खराब है, उसे इलाज हेतु बाहर भेजना पड़ेगा।

उसके बाद कुछ कागजों में दस्तखत कराए गए। वहाँ दो लोग कोरबा से आए थे जिन्होंने अपना नाम निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज बताया। उन्होंने कहा कि तुम्हारे पास पैसा नहीं है, हम लोग इलाज करा कर कुछ दिन में बच्ची वापस कर देंगे। प्रार्थी एवं पत्नी ने विश्वास कर लिया। काफी दिन बीतने के बाद बच्ची नहीं मिलने पर प्रार्थी, नर्स अनुपमा टोप्पो के पास गया, जो कि बच्ची के बारे में पूछने पर हर बार टाल देती थी। बाद में पत्थलगांव के ही एक व्यक्ति से जानकारी मिली कि बच्ची को तो निशिकांत एवं सुमन वानी मिंज को गोद दे दिया गया है और उनका पता भी बताया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण प्रार्थी कोरबा नहीं जा पाया, प्रार्थी को संदेह है कि नर्स अनुपमा टोप्पो ने उसकी नवजात बच्ची को निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज निवासी बलगी रोड लाटा थाना दर्री जिला कोरबा को दे दिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देश पर, एसडीओपी पत्थलगांव धुर्वेश जायसवाल के नेतृत्व में विवेचना के दौरान पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए,  घटना-स्थल का निरीक्षण कर आस पास गवाहों से पूछताछ किया गया व आरोपी गणों निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज से संपर्क कर नवजात शिशु के गोद लेने के संबंध में वैध कानूनी दस्तावेजों की मांग करने पर उनके द्वारा कोई वैध दस्तावेज नहीं पेश किया जा सका।

जिस पर पुलिस के द्वारा माता-पिता को धोखे में रख कर नवजात बच्ची को दूसरे दंपत्ति को दे देने तथा दंपत्ती के द्वारा बिना कानूनी प्रक्रिया के अवैध रूप से नवजात शिशु को अपने पास रखने के कारण आरोपिया नर्स अनुपमा टोप्पो व दंपत्ति निशिकांत मिंज एवं सुमन वानी मिंज के विरुद्ध अपराध सबूत पाए जाने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के द्वारा उनके कब्जे से नवजात शिशु को भी बरामद कर चाइल्ड हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में रखा गया है।

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