जशपुर पुलिस की बड़ी सुरक्षा पहल : “गोल्डन ऑवर” में अब नहीं जाएगी जान! जशपुर में सड़क सुरक्षा मितानों को दी जा रही जीवन रक्षक ट्रेनिंग, सड़क दुर्घटना में घायल अब मिलेंगे तुरंत प्राथमिक उपचार, 105 मितान तैयार.

जशपुर/कुनकुरी। 26 सितंबर 2025 : सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने और ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व को ध्यान में रखते हुए, जशपुर पुलिस एवं प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में, जिला रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से सड़क सुरक्षा मितानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
कुनकुरी थाना परिसर में चल रहे इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण (25 से 27 सितंबर) में 105 सड़क सुरक्षा मितान शामिल हुए। प्रशिक्षण का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों को प्राथमिक उपचार देकर समय रहते अस्पताल पहुँचाने में सहायता करना है।

रजत जयंती महोत्सव पर कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास व  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में सड़क दुर्घटनाओं से बचाव व यातायात जागरूकता हेतु आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए, ग्रामीण/शहर स्तर पर कई नागरिकों को “सड़क सुरक्षा मितान” बनाया गया है, जिनके द्वारा लगातार आम नागरिकों को यातायात नियमों के पालन हेतु जागरूक किया जाता है, जिससे कि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। चूंकि ऐसे बहुत से मामले सामने आते हैं, जिसमें कि आकस्मिक दुर्घटना होने पर, घायलों का घटना-स्थल पर सही ढंग से प्राथमिक उपचार न होने व अस्पताल पहुंचाने में देरी होने पर कभी-कभी घायलों की जान चली जाती है।

जिसके मद्देनजर में जशपुर पुलिस व प्रशासन के द्वारा जिला रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से “सड़क सुरक्षा मितानों” को दुर्घटनाओं के गोल्डन ऑवर के दौरान घायलों के प्राथमिक उपचार हेतु, विशेषज्ञ डॉक्टरों व स्वयं सेवकों मास्टर ट्रेनर की टीम के द्वारा सड़क सुरक्षा मितानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

इसी परिपेक्ष्य में दिनांक 25 सितंबर 2025 को थाना कुनकुरी परिसर में तीन दिवसीय में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान डीएसपी मंजुलता बाज के द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को यातायात नियमों के पालन हेतु जागरूक करते हुए नशे में वाहन न चलाने हेतु अपील की गई, साथ ही इस प्रशिक्षण की महत्ता को बताते हुए, अपने ग्रामों के अन्य व्यक्तियों को भी प्रशिक्षित करने हेतु बताया गया।

जिला रेड क्रॉस अधिकारी रूपेश पाणिग्राही के द्वारा ‘सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा’ के बारे में बताते हुए, दुर्घटना के दौरान प्राथमिक उपचार के महत्व के संबंध में प्रशिक्षणार्थियों को बताया गया, साथ ही बताया गया कि दुर्घटना के दौरान थोड़ी सी जागरूकता से घायलों की जान बचाने में मदद मिल सकती है।

कार्यकम के द्वारा विशेषज्ञ डॉक्टर छतेस कुमार साय व उनकी टीम के द्वारा, प्रशिणार्थियों को आपातकाल चिकित्सा व दुर्घटना के दौरान सीपीआर जो कि एक जीवन रक्षक प्रक्रिया है, के संबंध में प्रशिणार्थियों को प्रैक्टिकल कर बताया गया।

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