जल जीवन मिशन के अंतर्गत पहाड़ी कोरवा ग्राम राजपुर हुआ हर घर जल श्रेणी में हुआ सम्मिलित.
विशेष पिछड़ी जनजाति के 69 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से मिल रहा है शुद्ध पेय जल.
जशपुर. 27 सितम्बर 2025 : जल जीवन मिशन के तहत जशपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र भितघरा पंचायत के राजपुर गांव ने इतिहास रच दिया है। अब यह गांव ‘हर घर जल’ श्रेणी में शामिल हो गया है। कुल 69 परिवारों (मुख्यतः पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति) को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की सुविधा प्रदान की जा रही है। पहले जहां ग्रामीणों को 500 मीटर दूर ढलान पर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ता था, वहीं अब प्रत्येक घर में नल कनेक्शन से जल उपलब्ध है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार जताया।
जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 70 कि.मी. दूरी पर स्थित भितघरा पंचायत का छोटा सा गांव राजपुर, जिसकी आबादी 247 जिनमें मुख्यतः पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति का निवास है। इस गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2 उच्च स्तरीय एकल ग्राम योजना के द्वारा सभी 69 ग्रामीण परिवारों को उनके घरों तक क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेय जल आपूर्ति की जा रही है।
विदित हो कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को शासन की सभी योजनाओं का लाभ शत् प्रतिशत देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दूरस्थ अंचल में निवासरत जनजाति समुदाय के लोगों को किसी भी प्रकार से शासन की योजनाओं से वंचित न होना पड़े, इसके लिए शासन और प्रशासन स्तर पर हर संभव पहल करने के लिए कहा है। इसी कड़ी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जशपुर के उपखण्ड बगीचा के सहायक अभियंता श्री अभिषेक गुप्ता एवं उप अभियंता श्री विकास एक्का द्वारा ग्राम राजपुर पर विशेष ध्यान देकर योजना को शीघ्र पूर्ण कराया गया एवं कार्य पूर्ण होने पर इस ग्राम का हर घर जल कार्यक्रम भी कर लिया गया है।
हितग्राही करूणा दास और वहां के ग्रामवासी का कहना है कि जल जीवन मिशन के आने से पूर्व वे कुंआ से पानी भरते थे, जो कि बस्ती से लगभग 500 मी. दूर नीचे ढलान पर है। जहां से पानी लाना बहुत ही कठीन था। अब घर में नल लगने से पानी भरने कहीं नहीं जाना पड़ता। घर पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध होने से सभी ग्रामीणों ने खुशी जाहिर केरते हुए मुख्यमंत्री श्री साय और जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया हैं।
