थाना उरला क्षेत्रांतर्गत ग्राम गुमा स्थित सिंघानिया पेट्रोल पंप पास दिये थे हत्या की घटना को अंजाम, गाली-गलौच का विवाद बना हत्या का कारण.
एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा उरला पुलिस की संयुक्त कार्यवाही : प्रकरण में संलिप्त है विधि के साथ संघर्षरत दो बालक, घटना के चंद घंटों के भीतर तीनों आरोपियों को किया गया गिरफ्तार.
तीनों आरोपियों के विरूद्ध थाना उरला में अपराध क्रमांक 464/25 धारा 103(1), 3(5) बी.एन.एस. 25, 27 आर्म्स एक्ट का अपराध किया गया है पंजीबद्ध.
रायपुर : रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में सिंघानिया पेट्रोल पंप के पास गाली-गलौच से शुरू हुआ विवाद हत्या में बदल गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विनोद चतुर्वेदी और दो नाबालिग साथियों को गिरफ्तार कर उनके पास से चाकू बरामद किया। मामला बीएनएस की धारा 103(1), 3(5) एवं आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज।
दिनांक 30 नवंबर .2025 की रात्रि सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना उरला क्षेत्रांतर्गत ग्राम गुमा स्थित सिंघानिया पेट्रोल पंप के पास एक अज्ञात व्यक्ति रोड में खून से लथपथ पड़ा है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा उक्त स्थान पर जाकर देखने पर पाया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति खून से लथपथ पड़ा था, जिसके पीठ में रीड के हड्डी के पास किसी हथियार से घोंपने के निशान थे, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉ. द्वारा मृत्यु होना बताया गया। किसी अज्ञात आरोपी द्वारा किसी हथियार से चोट पहुंचा कर अज्ञात व्यक्ति की हत्या करना प्रतीत हो रहा था।
हत्या की घटना को पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा गंभीरता से लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संदीप मित्तल, उप पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संजय सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक उरला पूर्णिमा लामा, थाना प्रभारी उरला निरीक्षक रोहित मालेकर तथा प्रभारी निरीक्षक परेश पाण्डेय एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट को मृतक अज्ञात पुरूष की पहचान करने के साथ ही अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना उरला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मृतक अज्ञात पुरूष के संबंध में पतासाजी करते हुये आसपास के लोगों से पूछताछ करते हुये मृतक की पहचान फुल्लम सिंह गोंड पिता कन्हैया गोंड उम्र 24 साल निवासी ग्राम चकमी रैयत थाना करंजिया जिला डिंडोरी म.प्र. हाल पता – प्राईम इस्पात ग्राम गुमा थाना उरला जिला रायपुर के रूप में की गई। टीम के सदस्यों द्वारा मृतक के संबंध में पूछताछ कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही घटना-स्थल व उसके आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन किया गया। प्रकरण में मुखबीर लगाते हुये तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से भी अज्ञात आरोपी को चिन्हांकित करने के प्रयास किये जा रहे थे।
इसी दौरान टीम के सदस्यों को घटना में संलिप्त आरोपी गुमा उरला निवासी विनोद चतुर्वेदी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होने पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी की पतासाजी कर उसे पकड़ा गया। आरोपी से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपने दो अन्य साथी जो विधि के साथ संघर्षरत बालक है, के साथ मिलकर हत्या की उक्त घटना को अंजाम देना बताया गया। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा विधि के साथ संघर्षरत दोनों बालकों की पतासाजी कर उन्हें भी पकड़ा गया।
पूछताछ में आरोपी/विधि के साथ संघर्षरत बालकों ने बताया कि दिनांक घटना को तीनों प्राईम इस्पात कंपनी से गुमा की ओर जा रहे थे तथा मृतक गुमा की ओर प्राईम इस्पात कंपनी की ओर आ रहा था। इसी दौरान घटना-स्थल के पास मृतक गाली-गलौच करते हुये जा रहा था। तो इन तीनों के द्वारा हमें गाली दे रहा है, कह कर अपने पास रखें चाकू से मृतक पर वार कर गंभीर चोट पहुंचा कर उसकी हत्या कर दिये थे।
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 चाकू जप्त कर तीनों आरोपियों के विरूद्ध थाना उरला में अपराध क्रमांक 464/25 धारा 103(1), 3(5) बी.एन.एस. 25, 27 आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
गिरफ्तार –
01. विनोद चतुर्वेदी पिता लालकुमार चतुर्वेदी उम्र 18 वर्ष 06 माह निवासी गुमा सतनामीपारा थाना उरला रायपुर।
02. विधि के साथ संघर्षरत दो बालक।
इस प्रकरण की कार्यवाही में निरीक्षक रोहित मालेकर थाना प्रभारी उरला, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट से प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक सतीश पुरिया, प्रधान आरक्षक कुलदीप द्विवेदी, महिला प्रधान आरक्षक बसंती मौर्य, आरक्षक संदीप सिंह, आरक्षक अविनाश देवांगन, महिला आरक्षक बबीता देवांगन तथा थाना उरला से उपनिरीक्षक रामनारायण चंद्रवंशी, उपनिरीक्षक तेजराम कंवर, सहायक उपनिरीक्षक रामनारायण वर्मा, आरक्षक नरेश प्रधान, आरक्षक दीपक सिंह एवं आरक्षक सत्येन्द्र प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
