जशपुर की विकास गाथा होगी दस्तावेजीकृत: आईआईपीए छत्तीसगढ़ ब्रांच और जिला प्रशासन ने तय की ‘गवर्नेंस एंड डेवलपमेंट रिपोर्ट’ की कार्ययोजना

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की महत्वपूर्ण पहल

जशपुर जिले का समग्र ‘गवर्नेंस एंड डेवलपमेंट रिपोर्ट’ किया जाएगा तैयार

जिले के इतिहास, भूगोल से लेकर जनजाति एवं पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी किया जाएगा शामिल

आईआईपीए छत्तीसगढ़ ब्रांच के चेयरमैन रिटायर्ड आईएएस श्री मिश्रा एवं कलेक्टर श्री व्यास ने कार्ययोजना बनाने ली बैठक

जशपुर : भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए), नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में अपने क्षेत्रीय ब्रांच की स्थापना की गई है। इसके साथ ही आईआईपीए ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए छत्तीसगढ़ के एक जिले का विकास रिपोर्ट बनाने के लिए जशपुर जिले का चयन किया है। इस पहल के अंतर्गत जिले के सर्वांगीण विकास, प्रशासनिक संरचना एवं संभावनाओं को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से “गवर्नेंस एंड डेवलपमेंट रिपोर्ट” नामक विस्तृत विकास पुस्तिका का निर्माण किया जाएगा। यह रिपोर्ट जशपुर जिले की पहचान को एक प्रामाणिक और सुव्यवस्थित दस्तावेज के रूप में स्थापित करेगी। इस संबंध में आईआईपीए छत्तीसगढ़ ब्रांच के चेयरमैन सेवानिवृत्त आईएएस  श्री एस के मिश्रा एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने  जिला कलेक्ट्रेट में एक विस्तृत समन्वय बैठक  ली। बैठक में जिले के विभिन्न विषयगत क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों एवं जानकारों को आमंत्रित किया गया। इस दौरान विकास पुस्तिका के लिए रिपोर्ट लेखन, तथ्य संकलन एवं विषयवार अध्ययन की जिम्मेदारी संबंधित विशेषज्ञों को सौंपी गई। इस दौरान बैठक में रिटायर्ड आईएएस श्रीमती मिश्रा, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

         बैठक में चेयरमैन श्री मिश्रा एवं कलेक्टर श्री व्यास द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि पुस्तिका का उद्देश्य केवल जानकारी प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि जिले की विकास यात्रा, प्रशासनिक प्रयासों, उपलब्धियों एवं भावी संभावनाओं को समग्र दृष्टिकोण से प्रदर्शित करना है। विशेषज्ञों को उनके दायित्वों, लेखन की शैली, तथ्यात्मक सटीकता, डेटा स्रोतों, प्रस्तुतीकरण की रूपरेखा एवं समय-सीमा के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। सभी विशेषज्ञों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विषयों पर सारगर्भित, विश्लेषणात्मक एवं प्रमाणिक जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराएं, जिससे पुस्तिका निर्माण का कार्य निर्धारित समय में पूर्ण किया जा सके।प्रस्तावित पुस्तिका में जशपुर जिले के ऐतिहासिक, भौगोलिक एवं भू-गर्भिक स्वरूप, जनजातीय समाज, परंपरागत जीवनशैली, कला-संस्कृति एवं विशिष्ट रीति-रिवाजों का समावेश किया जाएगा। साथ ही सामाजिक विकास, मानव संसाधन की स्थिति, केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन का परिदृश्य, वनोपज आधारित आजीविका, स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था की प्रगति को भी विस्तृत रूप से दर्शाया जाएगा।

इसके अतिरिक्त रिपोर्ट में पर्यटन संभावनाएं, औद्योगिक विकास की दिशा, अधोसंरचना, खेल गतिविधियां, कृषि, उद्यानिकी एवं संबद्ध संस्थानों की वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की संभावनाएं, साथ ही जिले में किए जा रहे प्रशासनिक एवं विकासात्मक नवाचारों को भी शामिल किया जाएगा। यह पुस्तिका नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं एवं प्रशासकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज के रूप में उपयोगी सिद्ध होगी।

      अधिकारियों ने बताया कि इस पुस्तिका के तैयार होने से जशपुर जिले की विकास गाथा को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिलेगी तथा जिले से संबंधित सूचनाओं का संगठित, प्रामाणिक एवं दीर्घकालिक दस्तावेजीकरण संभव हो सकेगा। यह पहल न केवल जिले की उपलब्धियों को उजागर करेगी, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं के लिए भी ठोस आधार प्रदान करेगी।

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की भूमिका एवं कार्य –

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान देश में लोक प्रशासन, सुशासन एवं सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्था है। आईआईपीए का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना, शासन प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाना तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर शोध एवं प्रशिक्षण के माध्यम से नीति-निर्माण में सहयोग प्रदान करना है। यह संस्थान केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है, विकास एवं गवर्नेंस से संबंधित शोध अध्ययन करता है तथा विभिन्न राज्यों और जिलों के लिए नीति-आधारित रिपोर्ट एवं दस्तावेज तैयार करता है। जशपुर जिले में “गवर्नेंस एंड डेवलपमेंट रिपोर्ट” का निर्माण इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके माध्यम से स्थानीय विकास को राष्ट्रीय संदर्भ में प्रस्तुत किया जाएगा।

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