वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल द्वारा स्वयं की गई पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग.
कोतवाली प्रभारी सहित शहर के सभी थाना प्रभारियों ने साइबर सेल की टीम के साथ पूरी रात की बच्ची की पता तलाश.
अंबिकापुर : सरगुजा जिले से मानवीय संवेदनशीलता और पुलिस की त्वरित कार्यप्रणाली का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। बाजार से गुम हुई 11 वर्षीय बच्ची को सरगुजा पुलिस ने महज़ कुछ ही घंटों के भीतर सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल ने स्वयं पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग की। कोतवाली प्रभारी सहित शहर के सभी थाना प्रभारियों और साइबर सेल की टीम ने पूरी रात शहर के अलग-अलग इलाकों में सघन सर्च अभियान चलाया।
लगातार निगरानी, टीमवर्क और संवेदनशील दृष्टिकोण के चलते बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया गया। यह कार्रवाई न केवल पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना को भी मजबूत करती है।
घटना का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी नूर मोहम्मद पिता यासिन निवासी संजय मार्केट विश्रामपुर वर्तमान तकिया रोड अंबिकापुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 20 दिसंबर 2025 मिशन चौक से खिलौना बेचते हुए कला केंद्र पहुंचा जहाँ उसकी 11 वर्ष की बेटी मीना बाज़ार घूमने के दौरान कहीं चली गई, जिसकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अम्बिकापुर में अपराध क्रमांक – 947/2025 धारा – 137(2) भारतीय न्याय संहिता पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह ढिल्लों एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री राहुल बंसल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली अंबिकापुर, थाना प्रभारी गांधीनगर, थाना प्रभारी मणिपुर एवं साइबर सेल की टीम को प्राथमिकता के आधार पर बच्ची को तलाश करने अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। सभी थाना प्रभारियों ने पूरी रात शहर के विभिन्न स्थानों पर तलाश करते हुए पुलिस कंट्रोल रूम एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा को हर मिनट की रिपोर्टिंग की गई।
आज दिनांक 21 दिसंबर 2025 को प्रातः बच्ची को नगर निगम कार्यालय के समीप सड़क किनारे मिली। पूछताछ पर बच्ची ने बताया की वह बाज़ार घूमने के दौरान अपने परिवार से बिछड़ गई थी एवं रात में ठंढ से बचने के लिए चौपाटी के आस-पास के अलग-अलग दुकानों में छुप कर बैठ गई थी एवं अपने साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होना बताया है। थाना अम्बिकापुर द्वारा आवेदक को बुलाकर बच्ची को सुपुर्द किया गया।
