मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस का बड़ा जनआंदोलन, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज की अगुवाई में चंदखुरी से पुराने विधानसभा तक जनसंपर्क पदयात्रा, केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियों का आरोप

मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस ने निकाली जनसंपर्क पदयात्रा

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज की अगुवाई में चंदखुरी से पुराने विधानसभा तक निकाली पदयात्रा

मोदी सरकार ने भारत के मजदूरों के काम के अधिकार को छीन लिया – दीपक बैज

रायपुर : मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में एक दिवसीय पदयात्रा का आयोजन किया। पदयात्रा माता कौशल्या धाम चंदखुरी से पुराने विधानसभा तक निकाली गयी। पदयात्रा के आरंभ के पहले चंदखुरी में जनसभा का आयोजन हुआ, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने केंद्र सरकार के द्वारा मनरेगा कानून के परिवर्तन को मजदूरों के खिलाफ बताया। पदयात्रा के प्रारंभ में कांग्रेसजनों ने माता कौशल्या के मंदिर में दर्शन और पूजन किया।

पदयात्रा के पूर्व उपस्थित जन समुदाय और कांग्रेस जनों को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार मजदूरो का रोजगार छीनना चाहती है। मनरेगा बंद करने से ग्रामीण क्षेत्र में रोजी रोटी में संकट आयेगा। मोदी सरकार ने “सुधार“ के नाम पर झांसा देकर लोकसभा में एक और बिल पास करके दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी स्कीम मनरेगा को खत्म कर दिया है। मनरेगा केंद्रीय कानून था, 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा भेजे जाते थे, अब केंद्र और राज्य का हिस्सा 60- 40 का हो जाएगा, पहले मैचिंग ग्रांट 50 प्रतिशत राशि राज्य जमा करेगी तब केंद्र सरकार राशि जारी करेगा, राज्यों की वित्तीय स्थिति सर्वविदित है। इस बिल से आने वाले समय में मनरेगा स्कीम खत्म हो जाएगी। जैसे ही बजट का बोझ राज्य सरकारों पर पड़ेगा, वैसे ही धीरे-धीरे मनरेगा बंद होने लगेगी। यह महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने और सबसे गरीब भारतीयों से काम का अधिकार छीनने की जानबूझकर की गई कोशिश है। अब तक, मनरेगा संविधान के आर्टिकल 21 से मिलने वाली अधिकारों पर आधारित गारंटी थी। नया फ्रेमवर्क ने इसे एक कंडीशनल, केंद्र द्वारा कंट्रोल की जाने वाली स्कीम में बदल दिया है। मनरेगा के तहत, सरकारी ऑर्डर से कभी काम नहीं रोका गया। नया सिस्टम हर साल तय टाइम के लिए जबरदस्ती रोज़गार बंद करने की इजाज़त देता है, जिससे राज्य यह तय कर सकता है कि गरीब कब कमा सकते हैं और कब उन्हें भूखा रहना होगा। एक बार फंड खत्म हो जाने पर, या फसल के मौसम में, मज़दूरों को महीनों तक रोज़गार से दूर रखा जा सकता है।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, पूर्व सांसद छाया वर्मा, पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा, रायपुर शहर अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महामंत्री सुबोध हरितवाल, दीपक मिश्रा, सकलेन कामदार, शैलेश नितिन त्रिवेदी, शिवसिंह ठाकुर, पंकज मिश्रा, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, अजीत कुकरेजा, उधोराम वर्मा, आकाश तिवारी, नंदलाल देवांगन, कमला वर्मा, आकाश शर्मा, विजय टंडन, हिरेन्द्र देवांगन, विनोद सिंह ठाकुर, ओम श्रीवास, सुयश शर्मा, देव साहू, सुधा सरोज, किशन बजारी, मिलिंद गौतम, अर्जुमन ढेबर, सुजीत सिंह, कमल धृतलहरे, आशीष वर्मा, विद्याभूषण सोनवानी, गिरधारी साहू, कोमल साहू, खिलावन निषाद, अजितेश शर्मा, योगेन्द्र सोलंकी, बलदेव साहू, रामा यादव, अश्विनी वर्मा, ओमप्रकाश यादव शामिल हुए।

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