गमेकेला में पुलिस चौपाल का असर : अब गांव बोलेगा—न अपराध, न नशा ! महिलाएं बनीं नशे के विरूद्ध ढाल, चौपाल में गूंजा ‘शराब नहीं, संस्कार चाहिए’.

दिनांक 24 जनवरी 2026 को थाना लैलूंगा के थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में ग्राम गमेकेला में जन चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को समसामयिक अपराधों से सतर्क करना, महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करना तथा जिले में संचालित नशा मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाना रहा। चौपाल में बड़ी संख्या में महिलाएं तथा गांव के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

चौपाल के दौरान थाना प्रभारी ने महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, साइबर ठगी से बचाव के उपाय, सुरक्षित यातायात के नियम, मानव तस्करी की पहचान एवं उससे सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी संदिग्ध कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी या ऑनलाइन प्रलोभन से सतर्क रहना आवश्यक है तथा ठगी की आशंका होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। यातायात सुरक्षा के संदर्भ में हेलमेट, सीट-बेल्ट, गति नियंत्रण और नशे में वाहन न चलाने जैसे नियमों का पालन करने पर विशेष जोर दिया गया।

थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को आगाह करते हुए बताया कि कई बार चोर व बदमाश गांवों में फेरी के बहाने—जैसे गैस चूल्हा बनाना, दर्री या चादर तैयार करना—सूने मकानों की रेकी करते हैं और बाद में कीमती सामान व मवेशियों की चोरी को अंजाम देते हैं। ऐसे बाहरी व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की गई।

नशा मुक्ति अभियान पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि लैलूंगा क्षेत्र के कई गांवों में महिलाओं ने समूह बनाकर स्वयं अवैध शराब की निगरानी शुरू की है और समय पर सूचना देकर पुलिस की कार्रवाई में सहयोग कर रही हैं। इस सामूहिक प्रयास से क्षेत्र में शराबखोरी में कमी आई है तथा झगड़ा-मारपीट जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगा है। उनकी बातों से सहमत होकर उपस्थित महिलाओं ने समिति के गठन के साथ नशा-मुक्ति के लिए निरंतर कार्रवाई करने का संकल्प लिया।

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