भविष्य की खेल प्रतिभाओं को खोजने का अनूठा प्रयास : आगामी 25 मार्च से 03 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ में होंगे खेलों इंडिया ट्राईबल गेम्स
(आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ खेल पत्रकार, रायपुर)
रायपुर : स्वतंत्रता के बाद से अब तक किसी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता की समाप्ति के बाद पदक तालिका देखने पर पता चलता कि हमारे प्रतिभागियों का प्रदर्शन हर बार की तरह अच्छा नहीं रहा। फिर विश्लेषण करने वाले इसको भारत की दुनिया में सबसे अधिक 147 करोड़ जनसंख्या से जोड़ देते हैं। यह ठीक है कि हमारे खिलाड़ियों ने विश्व स्तरीय स्पर्धा में प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं किया लेकिन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज, प्रशिक्षण आदि के लिए क्या किया? इस बारे में बहुत कम सलाह प्राप्त होती है।
खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के कई प्रयास 2014 के पूर्व हुए जो कि अपर्याप्त था। मई 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत की बागडोर संभालते ही हमारे देश में चहुंमुखी विकास की दिशा की ओर ध्यान दिया। नई सरकार के द्वारा किसान,मजदूर, आम नागरिक की समस्या को अपना स्वीकार करते हुए उसे दूर करने की कोशिश की जा रही है.इसी तरह खेलकूद के क्षेत्र को भी उन्होंने गंभीरता से लिया है।
2014 में एन डी ए की सरकार सत्ता में आई ।एनडीए के मंत्रीमंडल में खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय को भारत के निशानेबाजी के रजत पदक विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर के हाथों सौंप दिया गया .2-3 वर्ष की मेहनत के बाद भारतीय ओलंपिक संघ के पदाधिकारियों, खेल प्रशासको के साथ मिलकर खेलों इंडिया कार्यक्रम को पूरे देश में लागू करवाया।
इस कार्यक्रम का नाम अब खेलो इंडिया मिशन कर दिया गया है। अब तक इन खेलों के लिए लगभग 6200 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं . इसमें विभिन्न खेलों में स्तर के खिलाड़ियों में से सर्वाधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ी चयन करके उन्हें विश्व स्तरीय मुकाबले के लिए उचित प्रशिक्षण, आवास, भोजन ,खेल सामग्री आदि उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार के इस निर्णय से भारत के खेल मंच को मजबूत नींव मिला।
इस योजना के माध्यम से किसी खिलाड़ी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर में मुकाबले के लिए शारीरिक, मानसिक रूप से तैयार किया जाता है फिर उसकी प्रतिभा के अनुरूप खेल के लिए उसका चयन किया जाता है। खेलो इंडिया मिशन की शुरुआत जब 2017-18 में हुई तो प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, खेल सामग्री, रह-सहन, आवागमन, पढ़ाई, आदि उपलब्ध कराये गये।
किसी चैंपियनशिप में खरा उतरने के लिए प्रतिभागी का समर्पण, मेहनत व ईमानदार प्रयास की जरूरत होती है। इसके लिए इन खिलाड़ियों के बीच स्पर्धा के आयोजन की जरूरत होती है।इस दृष्टि से भारत सरकार के खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण ने मिलकर खेलो इंडिया योजना के लिए कई कार्यक्रम लागू किये गए। इनमें खेलो इंडिया यूथ गेम्स खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स, खेलो इंडिया बीच गेम्स,खेलो इंडिया शीतकालीन खेल का आयोजन किया जा रहा है।
विश्वमंच में भारत को स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ में अब खेलो इंडिया प्रथम ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में किया है। यह चैंपियनशिप 25 मार्च से 03 अप्रैल तक किया जा रहा है। जिसमें तीरंदाजी,फुटबाल, हाकी,तैराकी, भारोत्तोलन, एथेलेटिक्स और कुश्ती के मुकाबले होंगे। इसमें देश भर के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के लगभग सभी राज्यों / इकाइयों के करीब 2000 खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ के 200 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। 2036 में भारत में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों के आयोजन की संभावना को देखते हुए वस्तुत: यह स्पर्धा मील का पत्थर साबित होगी। इसके सफल होने से छत्तीसगढ़ में 2029 के राष्ट्रीय खेलों के आयोजन होने की संभावना है। अत: सभी लोगों को सहयोग करना चाहिए।
