ठगी से खुला बड़ा साइबर रैकेट : आपका खाता भी हो सकता है अगला निशाना ! डेयरी के बहाने 48,500/- की ठगी, ATM से निकाली रकम… दोस्त ही निकले साइबर गैंग के मास्टरमाइंड ! तीन आरोपी गिरफ्तार.

मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी शौर्य प्रताप साकिन गांधीनगर हनुमान मंदिर के पास थाना गांधीनगर द्वारा दिनांक 29 मार्च 2026 को थाना गांधीनगर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि प्रार्थी का ऋत्विक सिंह निवासी सब्जी मार्केट के पीछे गांधीनगर से बहुत पहले से परिचय है, जो दुध डेयरी और चाय दुकान का संचालन करता था। इस दौरान दिसम्बर 2024 में ऋत्विक सिंह प्रार्थी के घर आकर उसका खाता काम नहीं करने की बात बोल कर झांसे में लेकर 48,500/- रुपये डेयरी का रकम बोल कर मंगा लिया एवं एटीएम लेकर उक्त रकम निकाल लिया, उसके कुछ दिन बाद प्रार्थी का खाता होल्ड हो गया था। खाता के सम्बन्ध में अग्रिम जानकारी लेने पर अपराध/साइबर ठगी से सम्बंधित रकम लेन-देन करने पर खाता होल्ड होने की जानकारी प्रार्थी को प्राप्त हुई है। इसी दौरान प्रार्थी को जानकारी मिला कि रित्विक सिंह अपने दोस्त अमन गुप्ता निवासी देवीगंज रोड अम्बिकापुर के साथ मिलकर इसी प्रकार से कई लोगों के खाता में रूपये मंगाये है। मामले में प्रार्थी कि रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 168/26 धारा 318(4),3(5) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

मामले को संज्ञान में लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा थाना गांधीनगर पुलिस टीम को मामले में सख़्ती से कार्यवाही कर प्रकरण में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा दौरान विवेचना में प्रार्थी व गवाहों का कथन दर्ज किया गया, खाता में ट्रांसफर रकम के संबंध में ऑनलाईन पोर्टल पर चेक किये जाने पर शिकायत दर्ज होना पाया गया, विवेचना के दौरान आरोपी ऋत्विक सिंह और अमन गुप्ता को हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया, आरोपियों द्वारा अपना नाम (01) ऋत्विक सिंह आत्मज नरेन्द्र कुमार सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी गांधीनगर हाई स्कूल के पिछे थाना गांधीनगर, (02) अमन कुमार गुप्ता आत्मज स्व. चंद्रशेखर गुप्ता उम्र 24 वर्ष निवासी देवीगंज रोड, थाना कोतवाली अंबिकापुर का होना बताया गया, आरोपियों से पूछताछ किये जाने पर बताये कि आरोपीगण मामले में शामिल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रॉड के रकम लेन-देन हेतु बैंक खाता की खरीद विक्री किया करते थे।

आरोपी रित्विक सिंह के द्वारा अपना तीन खाता एवं प्रार्थी का खाता और अमन गुप्ता के द्वारा अपना एक करेंट अकाउंट मय सीम के मामले में शामिल अन्य आरोपी को दिया गया है। जिन खातों में ऑनलाईन फ्रॉड के माध्यम से रकम ट्रांसफर होना पाया गया। इसके अलावा पियुष तिवारी के खाता में भी रूपये ट्रांसफर कराकर नगदी आहरण कर नगदी प्राप्त कर सीडीएम मशीन के माध्यम से ट्रांसफर करना बताया गया। मामले में शामिल आरोपी पियुष तिवारी को तलब कर पुछताछ किया गया। आरोपी द्वारा अपना नाम (03) पियुष तिवारी आत्मज कृपा शंकर तिवारी उम्र 25 वर्ष निवासी सत्तीपारा थाना अम्बिकापुर का होना बताया गया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ किये जाने पर अपराध घटित करना स्वीकार किया गया। पियुश कुमार तिवारी के खाता में कई ऑनलाईन शिकायतों का रकम ट्रांसफर होना पाया गया। आरोपीगण एक साथ मिलकर फ्रॉड से संबंधित रकम को प्राप्त करने हेतु अपने और अन्य लोगों के बैंक खाता का उपयोग किये है। जिसके आधार पर प्रकरण में धारा 317(4) बी.एन.एस. जोड़ा गया। आरोपियों के मोबाईल से खाता एवं रकम लेन-देन का डाटा संधारित कर मय मोबाईल के जप्त किया गया। आरोपियों के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण में आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।

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