धोखाधडी कर पैसा गबन करने वाले आरोपी को थाना प्रेमनगर पुलिस ने किया गिरफ्तार.
सूरजपुर : सूरजपुर जिले के प्रेमनगर क्षेत्र में सूरजपुर करने वाले आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने लोन दिलाने और राशि माफ होने का झांसा देकर ग्रामीण के खाते से करीब 10 लाख रुपये निकलवाकर गबन कर लिया था। लंबे समय से फरार आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिसे पुलिस ने दबिश देकर पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी द्वारा अन्य ग्रामीणों के साथ भी धोखाधड़ी करने की बात सामने आई है।
प्रार्थी मोतीराम पिता भुनेश्वर सिंह उम्र 42 वर्ष सा. चंदननगर थाना प्रेमनगर के द्वारा दिनांक 01 मई 2026 को थाना उपस्थित आकर लिखित आवेदन पत्र पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि आरोपी गोरेलाल सिंह पिता नान्ही राम निवासी चंदननगर के द्वारा वर्ष 2022 में प्रार्थी से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने जिसमें 3-4 लाख रूपये मिलेगा जिसमें आधा छूट हो जायेगा बोलकर धोखाधड़ी करते हुये प्रार्थी एवं उसके पिता भुनेश्वर के ज्वाईंट खाता से 02 लोन कुल 9,95,000/- रूपये निकलवा कर प्रार्थी को तीन लाख किसान क्रेडिट कार्ड से लोन स्वीकृत होना बताकर एक लाख रूपये प्रार्थी को देकर पूरा किस्त पटाने कि बात बोलकर दो लाख स्वयं लेकर प्रार्थी का चेकबुक, एटीएम कार्ड अपने पास रखकर एटीएम से पूरा पैसा निकालकर ठगी करने संबंधी दिया था, जिस पर थाना प्रेमनगर में अपराध क्रमांक 53/26 धारा 420, 120 (बी) भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने मामले में फरार आरोपी की पतासाजी कर जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। थाना प्रेमनगर पुलिस द्वारा लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी गोरेलाल सिंह का लगातार पता तलाश किया जा रहा था, जो लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था, जिसके करजी में होने की जानकारी मिलने पर दबिश देकर उसे पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी द्वारा प्रार्थी के अलावा अन्य ग्रामीणों के साथ भी धोखाधडी कर पैसा गबन करना बताया है। आरोपी से घटना में उपयोग किया गया उसका होण्डा साईन मोटर सायकल व टीवीएस इलेक्ट्रिक स्कूटी सोल्ड, स्टेट बैंक का चेकबुक एटीएम कार्ड जप्त किया गया है। आरोपी गोरेलाल सिंह पिता स्व. नान्ही राम उम्र 48 वर्ष सा. चंदननगर थाना प्रेमनगर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में भेजा गया है। इस प्रकरण की कार्यवाही में थाना प्रभारी प्रेमनगर विराट बिशी, एएसआई सिप्रियन टोप्पो, प्रधान आरक्षक विनय किस्पोट्टा, आरक्षक सत्यम सिंह, आरक्षक दीपक यादव, आरक्षक संतोष ठाकुर, आरक्षक बृजेश काशी, आरक्षक हरिश्चंद दास व महिला आरक्षक सिंधु कुजूर सक्रिय रहे हैं।
