सरगुजा में म्यूल अकाउंट का बड़ा खुलासा : तीन हजार में बेच दिए बैंक खाते, साइबर फ्रॉड की रकम घूम रही थी इन खातों में, साइबर ठगों का राज़ खुलते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा न्यायिक अभिरक्षा में.

डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देश पर सरगुजा पुलिस द्वारा म्यूल अकाउण्ट, पीओएस, फर्जी सिम धारकों इत्यादि के जांच/तस्दीक उपरांत संलिप्त आरोपियों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में थाना गांधीनगर पुलिस द्वारा म्यूल अकाउण्ट में संलिप्त खाता धारक के विरूद्ध पूर्व में दर्ज थाना गांधीनगर के अपराध क्रमांक 151/2026 धारा 318(4),317(4),61(2) बीएनएस के प्रकरण में 01 आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

प्रकरण का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 19 मार्च 2026 को जरिये मुखबीर सूचना के आधार पर एसबीआई बैंक शाखा बनारस रोड़ अम्बिकापुर स्थित भवन के द्वितीय तल में किराये पर रहकर राहुल गुप्ता आत्मज राजेश गुप्ता नाम का युवक गांधीनगर क्षेत्र में अवैध तरीके से नवयुवकों को आर्थिक लाभ पहुंचाकर उनके नाम से नया सिम खरीदवाकर उस सिम से बैंक खाता खुलवाकर उसमें पासबुक व एटीएम कार्ड जारी करवाकर उन खातों के खाता संख्या तथा उससे रजिस्टर्ड सिम एवं पासबुक व चेकबुक का उपयोग छल व अन्य अपराध से संबंधित रूपये को ट्रांसफर करने में उपयोग करने हेतु उक्त खाते की बिक्री कर रहा है। इस सूचना पर विधिवत् रूप से कार्यवाही कर थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 151/2026 धारा 318(4),317(4),61(2) बीएनएस दर्ज कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया है।

उपरोक्त प्रकरण में मुख्य आरोपी राहुल गुप्ता पिता राजेश गुप्ता अम्बिकापुर के अलावा अन्य 10 संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। प्रकरण की विवेचना के दौरान आरोपी राहुल गुप्ता के कब्जे से नीरज गुप्ता पिता राजेश गुप्ता उम्र 25 वर्ष, निवासी गौशाला रोड़ डिगमा थाना गांधीनगर जिला सरगुजा का एसबीआई, सेण्ट्रल बैंक व युको बैंक का पासबुक जप्त हुआ है। उक्त खातों में अत्यधिक लेन-देन होना व साइबर फ्रॉड से संबंधित रकम ट्रांसफर होना पाया गया है। खाता धारक नीरज गुप्ता को तलब कर पूछताछ किया गया जो अपने मेमोरेण्डम में बताया कि प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी विकास किर्तनिया को 03 हजार रूपये प्रति खाता के हिसाब से अपना तीन बैंक खाता व अपने भाई पंकज का एक खाता बेचना बताया। आरोपी के विरूद्ध अपराध घटित करने का सबूत पाये जाने से विधिवत् रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

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