भगवान श्री बिरसा मुंडा का जीवन जल, जंगल और जमीन की रक्षा के संघर्ष की प्रेरणा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान श्री बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य डोंडराही में उनकी प्रतिमा का किया अनावरण
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए 37 लाख रुपये की घोषणा
जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विकासखंड बगीचा अंतर्गत ग्राम पंचायत करमा के डोंडराही में धरती आबा भगवान श्री बिरसा मुंडा की 150 वीं जन्मवर्ष के उपलक्ष्य पर उनकी मूर्ति का अनावरण किया। आज से यह जगह बिरसा मुंडा चौक के नाम से जाना जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की आयु में अंग्रेजी शासन, शोषण, धर्मांतरण तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका जीवन आज भी जनजातीय समाज सहित पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर पदम् श्री जागेश्वर यादव, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, बलराम भगत, श्री करुणा राम भगत, सरपंच श्री राजेश राम नाग मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बैगाटोली कर्मा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। इसी प्रकार कुदमुरा नांदो टोली में रंगमंच निर्माण के लिए 8 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। वहीं कुदमुरा पतराटोली (डिबा टोली) में सांस्कृतिक मंच निर्माण हेतु 7 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। इसके अलावा केशव घर के समीप स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंच निर्माण के लिए भी 7 लाख रुपये की देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है और वर्ष 2021 से पूरे देश में इसे उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जनजातीय संस्कृति और गौरव का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम का केंद्रीय कार्यालय देशभर में जनजातीय समाज के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होना पूरे जनजातीय समाज के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना तथा जनजातीय बहुल गांवों के विकास के लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना संचालित की जा रही है। छत्तीसगढ़ के 6,661 गांव इस योजना में शामिल हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों के भीतर पूरा किया है। सरकार बनने के 24 घंटे के भीतर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इनमें से 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिया जा रहा है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की जा रही है। दो वर्षों का बकाया बोनस भी किसानों को दिया गया है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजनाओं के माध्यम से हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायत स्तर पर अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रदेश की 6,000 से अधिक पंचायतों में ये केंद्र शुरू हो चुके हैं, जहां आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य में प्रत्येक पंचायत में यह सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। इस हेल्पलाइन पर नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, जिनका निर्धारित समय-सीमा में समाधान किया जाएगा। हेल्पलाइन के संचालन के लिए 8,000 अधिकारियों को जोड़ा गया है तथा 24 घंटे इसकी निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना लागू की गई है। इसके तहत बकाया बिजली बिलों पर अधिभार पूरी तरह माफ किया जा रहा है तथा मूल राशि के भुगतान पर भी विशेष छूट दी जा रही है। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सौर ऊर्जा संयंत्रों पर आकर्षक सब्सिडी प्रदान कर रही हैं। अब तक प्रदेश में 65 हजार से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल लगभग शून्य हो गए हैं। इस दौरान अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट ने भी धरती आबा भगवान श्री बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके जीवन संघर्ष और देश के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
